प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • बस्ती: नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, SO मुण्डेरवा प्रदीप कुमार सिंह ने टीम के साथ किया गिरफ्तार
  • रायबरेली: अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को मारी टक्कर, हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल, डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित किया, मामले की जांच शुरू की
  • जसपुर: एक लकड़ी के गोदाम और कार्यालय में अचानक लगी आग, गोदाम में राखी लकड़ी सहित अन्य सामान भी जलकर पूरी तरह से राख, हादसे में कोई भी जनहानि नहीं हुई
  • फरीदाबाद पहुंचे पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा, मृतक और घायलों के परिजनों से की मुलाकात, मामले में FIR दर्ज की गई, ADC की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी भी बनाई गई
  • T-20 वर्ल्ड कप का तीसरा मैच, मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भिड़ी टीम इंडिया और USA की टीम, टीम इंडिया को 29 रनों से मिली जीत
  • सांसद सांसद पप्पू यादव और उनके 20 समर्थकों पर FIR दर्ज, पुलिस को डराने धमकाने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप
  • दिल्ली में BJP सरकार के एक साल पूरे, रामलीला मैदान में होगा भव्य कार्यक्रम का आयोजन, मंत्री रेखा समेत पूरी कैबिनेट रहेगी मौजूद, 20 फरवरी तक रोजाना अलग-अलग विभागों के होंगे कार्यक्रम
  • तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आज रायपुर में नक्सलवाद से जुड़े मुद्दों पर करेंगे हाई लेवल मीटिंग, केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के साथ बनायेंगे रणनीति
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का आज दूसरा दिन, राजधानी कुआलालंपुर में होगी भारत-मलेशिया CEO फोरम की 10वीं बैठक, PM मोदी मलेशिया के उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से भी करेंगे मुलाकात

गाजा बोर्ड ऑफ पीस की सदस्यता फीस

गाजा के 'बोर्ड आफ पीस ' में स्थाई सदस्यता की फीस 1 करोड़ डालर

गाजा की स्थिति को पटरी पर लाने के लिए बनाए जाने वाले'बोर्ड ऑफ पीस' को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसका हिस्सा बनने के लिए भारत, पाकिस्तानऔर तुर्की समेत कई देशों को न्योता दिया

गाजा के बोर्ड आफ पीस  में स्थाई सदस्यता की फीस 1 करोड़ डालर

State Of Emergency |

गाजा बोर्ड ऑफ पीस की सदस्यता फीस

गाजा की स्थिति को पटरी पर लाने के लिए बनाए जाने वाले 'बोर्ड ऑफ पीस' को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसका हिस्सा बनने के लिए भारत, पाकिस्तान और तुर्की समेत कई देशों को न्योता दिया है। हालांकि तुर्की समेत कुछ देशों को शामिल करने पर इजरायल की नाराजगी सामने आई है।  इसके अलावा इस बोर्ड की मेंबरशिप फीस ने दुनिया का ध्यान खींचा है। बोर्ड के गठन के बाद कोई देश इसमें रहना चाहेगा तो उसे एक अरब डॉलर यानी करीब नौ हजार करोड़ भारतीय रुपए खर्च करने पड़ेंगे। सीएनएन ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया है कि डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्य देशों को एक अरब डालर का भुगतान करने पर ही उन्हें स्थायी सीट मिलेगी।  यह बोर्ड गाजा के पुनर्निर्माण की देखरेख करेगा, जिसमें ट्रंप ने कई देशों को शामिल होने का न्योता दिया है। हालांकि साफ कि ये न्योता काफी महंगा होगा। अमेरिकी अधिकारी का कहना कि बोर्ड की मेंबरशिप के लिए फीस के तौर पर जुटाया गया फंड गाजा के पुनर्निर्माण में जाएगा। इसमें बहुत ज्यादा सैलरी और बड़े प्रशासनिक खर्च नहीं होंगे, जो कई दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में होते हैं। इसकी रकम में से ज्यादातर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा

यह भी पढ़े: यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की रक्षा

https://www.primenewsnetwork.in/world/europe-vows-to-protect-greenland-sovereignty/105505

Related to this topic: