गाजा की स्थिति को पटरी पर लाने के लिए बनाए जाने वाले'बोर्ड ऑफ पीस' को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसका हिस्सा बनने के लिए भारत, पाकिस्तानऔर तुर्की समेत कई देशों को न्योता दिया
गाजा बोर्ड ऑफ पीस की सदस्यता फीस
गाजा की स्थिति को पटरी पर लाने के लिए बनाए जाने वाले 'बोर्ड ऑफ पीस' को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसका हिस्सा बनने के लिए भारत, पाकिस्तान और तुर्की समेत कई देशों को न्योता दिया है। हालांकि तुर्की समेत कुछ देशों को शामिल करने पर इजरायल की नाराजगी सामने आई है। इसके अलावा इस बोर्ड की मेंबरशिप फीस ने दुनिया का ध्यान खींचा है। बोर्ड के गठन के बाद कोई देश इसमें रहना चाहेगा तो उसे एक अरब डॉलर यानी करीब नौ हजार करोड़ भारतीय रुपए खर्च करने पड़ेंगे। सीएनएन ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया है कि डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्य देशों को एक अरब डालर का भुगतान करने पर ही उन्हें स्थायी सीट मिलेगी। यह बोर्ड गाजा के पुनर्निर्माण की देखरेख करेगा, जिसमें ट्रंप ने कई देशों को शामिल होने का न्योता दिया है। हालांकि साफ कि ये न्योता काफी महंगा होगा। अमेरिकी अधिकारी का कहना कि बोर्ड की मेंबरशिप के लिए फीस के तौर पर जुटाया गया फंड गाजा के पुनर्निर्माण में जाएगा। इसमें बहुत ज्यादा सैलरी और बड़े प्रशासनिक खर्च नहीं होंगे, जो कई दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में होते हैं। इसकी रकम में से ज्यादातर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा
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