प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

भारत में नहीं बढ़ेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें

पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें फर्जी, सरकार ने किया साफ इनकार

केन्द्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरों को पूरी तरह से गलत और फर्जी (Fake News) करार दिया है।

पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें फर्जी सरकार ने किया साफ इनकार

फाइल फोटो |

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरों को पूरी तरह से गलत और फर्जी (Fake News) करार दिया है। सरकार का यह जवाब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा सभा चुनाव के लिए मतदान के बीच आया है। मालूम हो कि पिछले दिनों अखबारों में इसे लेकर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित हुई थीं। रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों में उछाल के कारण घरेलू स्तर पर इनके दाम बढ़ सकते हैं। हालांकि सरकार ने इसे खारिज कर दिया है।

मंत्रालय ने ₹25-30 की संभावित बढ़ोतरी को किया खारिज

केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन ख़बरों का सख्ती से खंडन किया है। खबरों में दावा किया गया था कि विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही पेट्रोल-डीज़ल के दाम 25-30 रुपए तक प्रति लीटर बढ़ा दिए जाएंगे। मंत्रालय ने ज़ोर देकर कहा कि इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां जनता पर भार नहीं डाला गया। बल्कि भारत ऐसा अकेला देश है जहां पिछले चार साल से दाम नहीं बढ़े हैं।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट पर सरकार की सफाई

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जानकारी दी, "कुछ खबरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने की बात कही जा रही है। स्पष्ट किया जाता है कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।" मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण "कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज" की एक रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें संकेत दिया गया था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। कोटक ने कच्चे तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल रहने के आधार पर 25-28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था।

भ्रामक खबरों से लोगों में डर फैलाने का आरोप

मंत्रालय ने कहा कि ऐसी खबरें नागरिकों में डर एवं घबराहट पैदा करने के लिए पेश की जा रही हैं और ये भ्रामक व गुमराह करने वाली हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मीडिया के एक वर्ग और सोशल मीडिया पर विधानसभा चुनाव के बाद ₹25-₹28 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी के जो दावे किए जा रहे थे, सरकार ने उन्हें शरारतपूर्ण और नागरिकों में घबराहट पैदा करने वाला बताया है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारत उन गिने-चुने देशों में से है, जहां पिछले 4 वर्षों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर

मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल कीमतें 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले तथा उसकी जवाबी कार्रवाई के बाद तेजी से बढ़ी हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक, फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला तथा वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा संभालने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में कीमतें स्थिर

ईरान युद्ध के बाद तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 119 डॉलर तक पहुंच गई थीं। हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट दिखी है। इस बीच नए सिरे से खाड़ी में तनाव शुरू होने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 103-106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गयी हैं। कच्चे कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम अपरिवर्तित रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर है।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/world/iran-shares-footage-of-ships-in-hormuz/178566

ईरान ने होर्मुज में जब्त जहाज का फुटेज किया जारी

Related to this topic: