विपक्षी INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग की। पढ़ें पूरी खबर।
नई दिल्ली। विपक्षी INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर पक्षपात करने, मतदाता सूचियों में हेरफेर करने और बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं के नाम हटाने का गंभीर आरोप लगाया है।
हाथों में तख्तियां, बैनर और पुतले लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य घटक दलों के प्रमुख नेताओं समेत विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के कामकाज की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया जा रहा है और तत्काल प्रभाव से CEC के इस्तीफे की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने अधिकारियों पर सत्ताधारी पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए मतदाता सूची से चुनिंदा नाम हटाने का आरोप लगाया।
चन्नी ने कहा, "भारत का विपक्ष, जिसमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव और INDIA ब्लॉक के सभी सांसद शामिल हैं, आज यहां प्रदर्शन कर रहा है क्योंकि वे वोट हटा रहे हैं और केवल अपने लोगों के वोट बचा रहे हैं।" उन्होंने आगे जनता से अपील करते हुए कहा, "मैं पंजाब के लोगों से भी कहना चाहता हूं कि वोट जोड़ने और हटाने की इस चल रही प्रक्रिया में आपके नाम हटाए जा सकते हैं। कृपया अपने वोट की जांच करें। हमने अपना 'वोट बचाओ अभियान' और 'वोट चोरी रोको अभियान' शुरू किया है। इसके तहत अपने वोटों की जांच करें, अन्यथा मतदान के दिन आपको सूची में अपना नाम नहीं मिलेगा।"
लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए लड़ाई
प्रदर्शन में शामिल हुईं कांग्रेस सांसद एस. जोथिमनी ने जोर देकर कहा कि पुलिस कार्रवाई की परवाह किए बिना विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा।
जोथिमनी ने कहा, "हम लाठियां और गोलियां खाएंगे, लेकिन यह सुनिश्चित करेंगे कि यह चुनाव आयोग हटे... हम चाहते हैं कि CEC ज्ञानेश कुमार पद छोड़ें। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है।"
गंभीर आरोप और जांच की मांग
CEC का पुतला थामे नजर आए कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सत्ताधारी प्रतिष्ठान से जुड़ाव का आरोप लगाते हुए तत्काल जांच की मांग की।
रेड्डी ने कहा, "यह ज्ञानेश कुमार का पुतला है। हम इसे यहीं जलाना चाहते हैं क्योंकि जिस तरह से उन्होंने वोट चोरी में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। वे लोकतंत्र को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं। हम इस देश को दिखाना चाहते हैं कि ज्ञानेश कुमार को नरेंद्र मोदी और अमित शाह द्वारा दुर्भावनापूर्ण इरादों से नियुक्त किया गया है। उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना या किसी निकाय की अनुमति के फॉर्म 6 में बदलाव किए हैं। इसलिए निश्चित तौर पर वह भाजपा के कार्यकर्ता हैं, CEC नहीं। उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए।"
रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया, "वह CEC में आरएसएस के व्यक्ति हैं। अब उन्हें खुलकर सामने आना चाहिए। केरल के एक डीजीपी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्होंने 2016 में उनके लिए टिकट की पैरवी की थी। यह साफ तौर पर दर्शाता है कि यह व्यक्ति भाजपा से जुड़ा है।"
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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