INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चार-सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया और CEC के इस्तीफे सहित कई मांगें रखीं।
INDIA Bloc Submits 4-Point Memorandum to President Over Vote Theft Allegations |
नई दिल्ली (भारत)। INDIA गठबंधन के नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें चार-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूची में कथित हेरफेर करने का आरोप लगाया। विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से इस मामले का संज्ञान लेने और अपनी मांगों पर बिना देरी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
BJP पर चुनावी प्रक्रिया कमजोर करने का आरोप
राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में INDIA गठबंधन के सांसदों ने दावा किया कि वे देश की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर देश की चुनाव प्रणाली तथा लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने का आरोप लगाया। ज्ञापन में कहा गया कि कथित अनियमितताओं के कारण करोड़ों भारतीयों के संवैधानिक मताधिकार पर असर पड़ा है।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि कई चुनावों में बड़े पैमाने पर वोटों की चोरी हुई है। ज्ञापन में हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए दावा किया गया कि इन चुनावों में हेरफेर हुआ। गठबंधन ने EVM और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के लिए चुनाव आयोग को भी जिम्मेदार ठहराया।
INDIA गठबंधन की चार प्रमुख मांगें
ज्ञापन में विपक्षी नेताओं ने चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और वर्ष 2023 के उस कानून को रद्द करने की मांग शामिल है, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) को आजीवन कानूनी सुरक्षा दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा, गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया तत्काल निलंबित करने और मतदाता सूची से कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से हटाए गए सभी 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की। विपक्ष ने सभी चुनावों में पेपर बैलेट से मतदान दोबारा शुरू करने और पिछले दो वर्षों में हुए उन सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी की, जिनमें वोटों की चोरी के ठोस सबूत पेश किए जाने का दावा किया गया है।
अनुच्छेद 326 का हवाला देकर उठाया मताधिकार का मुद्दा
INDIA गठबंधन के नेताओं ने अपने ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वयस्क मताधिकार प्रतिनिधि लोकतंत्र की बुनियाद है और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी इस संवैधानिक अधिकार की रक्षा करना है। विपक्ष ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग संविधान के प्रति जवाबदेह है और उसे अपने निर्णयों के लिए जवाब देना चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि चुनाव आयोग इस अधिकार का संरक्षक है, मालिक नहीं। गठबंधन ने आरोप लगाया कि किसी भी संस्था को मताधिकार से जुड़े नियमों में मनमाने बदलाव करने, अपने फैसलों के लिए जवाबदेही से बचने या सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
राष्ट्रपति से उचित कार्रवाई करने की अपील
ज्ञापन के अंत में INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से देश के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब अन्य रास्ते बंद हो जाते हैं, तब नागरिक राष्ट्रपति कार्यालय को संवैधानिक व्यवस्था का संरक्षक मानते हैं।
विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से संविधान की रक्षा करने और मतदाताओं की आवाज को दबने से बचाने की अपील की। ज्ञापन में उम्मीद जताई गई कि राष्ट्रपति अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करते हुए इन मांगों पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। (Source: ANI)
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