भारत में सर्विस सेक्टर की वृद्धि दर में हाल के महीनों में भारी गिरावट देखने को मिली है। देश में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर गिरकर 14 महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गयी है।
नई दिल्ली। भारत में सर्विस सेक्टर की वृद्धि दर में हाल के महीनों में भारी गिरावट देखने को मिली है। देश में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर गिरकर 14 महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गयी है।
पीएमआई आंकड़ों का खुलासा
एचएसबीसी (HSBC) इंडिया सर्विसेज और एसएंडपी ग्लोबल के ताजा मासिक सर्वेक्षण (PMI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बढ़ती लागत और घरेलू मांग में सुस्ती के कारण मार्च 2026 में भारत का सेवा क्षेत्र 14 महीनों के निचले स्तर पर आ गया है। सर्विस सेक्टर की वृद्धि दर फरवरी के 58.1 से घटकर 57.5 (और कुछ रिपोर्टों के अनुसार 57.2) पर आ गयी है। हालांकि यह अभी भी विस्तार (50 से ऊपर) और 54.4 के दीर्घकालिक औसत से ऊपर बना हुआ है।
पीएमआई क्या होता है
पीएमआई (Purchasing Managers' Index) एक आर्थिक सूचकांक है, जो बताता है कि किसी देश के उद्योग या सेवा क्षेत्र की गतिविधियां बढ़ रही हैं या घट रही हैं। इसे कंपनियों के खरीद प्रबंधकों से सर्वे के जरिए तैयार किया जाता है। एचएसबीसी सर्वेक्षण के अनुसार, सेवा क्षेत्र का पीएमआई मार्च में 57.5 रहा है जो फरवरी में 58.1 था।
घरेलू मांग में सुस्ती
आंकड़ों से पता चलता है कि समग्र गतिविधि में मंदी मुख्य रूप से घरेलू परिस्थितियों में नरमी के कारण हुई, जबकि विदेशी बिक्री ने विकास को समर्थन देना जारी रखा।
लागत में तेज बढ़ोतरी
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन, परिवहन, खाद्य पदार्थों और श्रम की बढ़ती लागत के कारण इनपुट लागत मुद्रास्फीति 45 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
रोजगार में लगातार वृद्धि
इसके अलावा, सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि सेवा क्षेत्र में रोजगार में लगातार तीसरे महीने वृद्धि हुई है, और रोजगार सृजन की गति 2025 के मध्य के बाद से सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गई है।
व्यापारिक विश्वास मजबूत
सर्वेक्षण के मुताबिक व्यापारिक विश्वास में भी सुधार हुआ, कंपनियों ने लगभग 12 वर्षों में आशावाद का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
महंगाई का असर ग्राहकों पर
कंपनियों ने बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल दिया, जिसके परिणामस्वरूप विक्रय मूल्य मुद्रास्फीति सात महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
विशेषज्ञ की राय
एचएसबीसी के भारत में मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी का कहना है कि भारत का सेवा क्षेत्र मार्च में विस्तार में रहा, लेकिन वृद्धि की गति लगातार दूसरे महीने धीमी हुई। मांग मजबूत बनी रही, जो नए निर्यात ऑर्डर से संचालित थी। सर्वे के अनुसार, निर्यातकों को अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका से नए ऑर्डर मिले हैं। मार्च में नौकरी सृजन की गति मजबूत रही है।
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