भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) में नागरिकों पर कथित दमनात्मक कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है।
नई दिल्ली [भारत]: भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) में नागरिकों पर कथित दमनात्मक कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जून से अब तक कम से कम 90 नागरिकों की मौत हुई है और हाल में हुए स्थानीय चुनावों को "पूरी तरह से दिखावा" बताया।
विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही की मांग की
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित द्विसाप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान में जनता के असंतोष का जवाब गोलियों, बिजली कटौती, धमकियों और दमन से दिया गया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को नागरिकों के खिलाफ कथित अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए।
POJK चुनावों को बताया "तमाशा"
रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में हुए स्थानीय चुनावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये चुनाव वास्तविक स्थिति को छिपाने का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि जनता के विरोध प्रदर्शन और कथित हिंसक कार्रवाई वास्तविकता को दर्शाते हैं और ऐसे चुनावी प्रयास जमीनी हालात नहीं बदल सकते।
5 अगस्त से पहले भारत ने उठाया मुद्दा
अनुच्छेद 370 के निरसन की वर्षगांठ से पहले पाकिस्तान में बंद के आह्वान से जुड़े सवाल पर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पहले POJK में हो रही घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में लोगों की मौत हुई है और इन घटनाओं के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
प्रदर्शनों और मीडिया प्रतिबंधों को लेकर चिंता
यह बयान POJK में स्थानीय चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों, व्यवधानों और कथित बल प्रयोग की खबरों के बीच आया है। मानवाधिकार और प्रेस स्वतंत्रता संगठनों जैसे एमनेस्टी इंटरनेशनल और कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (CPJ Asia) ने कथित सरकारी हिंसा, मीडिया प्रतिबंधों, संचार बंद होने और पत्रकारों पर दबाव को लेकर चिंता जताई है।
भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी घेरा
विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद और अपनी धरती पर मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग दोहराई। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार देशों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान करता रहा है।
जम्मू-कश्मीर में शांति का दावा
जम्मू-कश्मीर की मानवाधिकार कार्यकर्ता तस्लीमा अख्तर ने कहा कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब लोग अधिक शांतिपूर्ण माहौल में रह रहे हैं और पत्थरबाजी व स्थानीय उग्रवाद जैसी घटनाओं में कमी आई है।
POJK में नागरिक अधिकारों को लेकर चिंता
तस्लीमा अख्तर ने POJK में नागरिकों के अधिकारों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर सामने आई खबरों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए।
POJK में प्रतिबंधों का आरोप
यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) के प्रवक्ता सरदार नासिर अजीज खान ने आरोप लगाया कि POJK में शासन व्यवस्था, आर्थिक स्थिति और नागरिक स्वतंत्रता को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि क्षेत्र में प्रतिबंध, संचार बाधाएं और जरूरी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
ANI
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