भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुलु मजीद हकीम इलाही ने कहा- भारत के साथ हमारे संबंध 5,000 साल से हैं। ये सांस्कृतिक, शैक्षणिक और दार्शनिक संबंध रहे हैं।
हैदराबाद (आंध्र प्रदेश)। भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुलु मजीद हकीम इलाही ने भारत और ईरान की सभ्यताओं का हवाला देकर जोर देते हुए कहा- भारत के साथ हमारे संबंध 5,000 साल से हैं। ये सांस्कृतिक, शैक्षणिक और दार्शनिक संबंध रहे हैं। हमारे भारत के साथ संबंध सभ्यता की वजह से हैं। भारत और ईरान के संबंध बेहद मजबूत हैं और युद्ध के बाद ये संबंध और मजबूत और गहरे होंगे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह बात कही।
भारत की नाराजगी के बाद बैकफुट पर ईरान
यह बयान उस घटना के बाद आया है कि होर्मुज जलमार्ग से तेल लेकर आ रहे दो भारतीय जहाजों पर शनिवार को गोलीबारी के बाद उन्हें अपना रास्ता बदलना पड़ा। इस घटना पर भारत ने नाराजगी जताते हुए ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली को तलब किया। भारत की नाराजगी जताने के बाद ईरान अब बैकफुट पर आ गया है।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को बताया व्यक्तिगत युद्ध
डॉ. हकीम इलाही ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को व्यक्तिगत युद्ध करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल 40 साल से युद्ध चाहता था। उन्होंने भारत के ईरान से संबंध और मजबूत होने की बात कही थी। इलाही का यह बयान तब आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। इसे रोकने के लिए कूटनीतिक कोशिशें चल रही हैं। जानते हैं कि भारत और ईरान के प्राचीन काल में कैसे संबंध थे।
बेंजामिन नेतन्याहू 40 साल से ईरान के खिलाफ चाहते थे युद्ध
उधर, जयपुर में मीडिया से बातचीत में भारत में ईरान के प्रतिनिधि इलाही ने कहा- इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बीते 40 साल से ईरान के खिलाफ युद्ध चाहते थे। वह अमेरिका के किसी राष्ट्रपति से कभी राजी नहीं कर पाए। मगर, इस बार उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना समर्थन देने के लिए राजी कर लिया। यह एक व्यक्तिगत युद्ध है।
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