केरल के अनीश ने नशा विरोधी जागरूकता बढ़ाने के लिए पलक्कड़ से कश्मीर तक उल्टी दिशा में दौड़ शुरू की।
पलक्कड़, (केरल)। नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से केरल के पलक्कड़ जिले के एक युवक ने एक अनोखी पहल शुरू की है। मलम्पूझा निवासी अनीश ने पलक्कड़ से कश्मीर तक उल्टी दिशा में दौड़ लगाने का फैसला किया है, जिसे एक असामान्य और प्रेरणादायक अभियान माना जा रहा है। प्राप्त सूचना के अनुसार, अनीश ने बताया, कि वह इस लंबी यात्रा के दौरान प्रतिदिन लगभग 40 किलोमीटर की दूरी तय करने की योजना बना रहे है।
युवाओं को फिटनेस व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करना और युवाओं को फिटनेस व स्वास्थ्य आधारित अभियानों से जोड़ना है। इसे देश में अपनी तरह की शुरुआती “रिवर्स रन” पहलों में से एक माना जा रहा है। इसी बीच तमिलनाडु के थूथुकुडी में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए एक नशा विरोधी मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस अभियान को सफल बनाया और इसे नशे के खिलाफ एक प्रभावी सामाजिक संदेश बताया।
छात्रों ने साक्षा किए अपने अनुभव
मैराथन में आए कॉलेज छात्र नवीन ने कहा, कि वह वर्तमान में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं और पहले भी कई मैराथन में हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने बताया, कि इस बार बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उनके अपने शहर में ऐसे आयोजन कम होते हैं, इसलिए थूथुकुडी में इस तरह की पहल को वे सराहनीय मानते हैं। उन्होंने सुझाव दिया, कि स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए अलग-अलग मैराथन आयोजित की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने नशा-विरोधी जागरूकता मैराथन में भाग लेने पर संतोष जताते हुए आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं, एक अन्य प्रतिभागी अनु प्रियादर्शनी ने कहा, कि उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को समर्थन देने के लिए इस मैराथन में हिस्सा लिया। उन्होंने इस अनुभव को बेहद अच्छा बताया और कहा, कि उन्हें इसमें भाग लेकर खुशी हुई। अनु प्रियादर्शनी ने भी ऐसे जागरूकता अभियानों के अधिक बार आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।
नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का उद्देश्य
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेल और फिटनेस गतिविधियों से जोड़ना तथा नशे के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता को और मजबूत करना है। यह पहल मादक पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में समाज में संदेश फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। गौरतलब है, कि हर साल 26 जून को “अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस” मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और अवैध ड्रग व्यापार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देना है।
1989 में शुरू हुआ अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस
इस दिवस की शुरुआत 1989 में हुई थी और इसे 19वीं सदी की एक ऐतिहासिक घटना से जोड़ा जाता है, जब चीनी सुधारक लिन ज़ेक्सू ने ग्वांगडोंग के हुमेन में अफीम व्यापार पर कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई 25 जून 1839 को समाप्त हुई, जो आगे चलकर पहले अफीम युद्ध की पृष्ठभूमि बनी। (एएनआई)
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