प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में साफ किया कि सरकार देश के करोड़ों परिवारों तक बीमा का सुरक्षा कवच पहुंचा रही है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए एक बेहद अहम संदेश दिया है। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में पीएम मोदी ने साफ किया कि सरकार देश के करोड़ों परिवारों तक बीमा का सुरक्षा कवच पहुंचा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक बहुत ही मामूली रकम और एक छोटा सा कदम भी किसी परिवार के लिए संकट के समय में सबसे बड़ा सहारा बन सकता है।
शादी में 3,500 ग्रामीणों को दिया बीमा का तोहफा
महाराष्ट्र के नांदेड़ के पेठकर परिवार के एक अनोखे फैसले का विशेष रूप से जिक्र किया। बहादुरपुरा गांव के रहने वाले इस परिवार ने अपने घर की शादी की खुशियों को पूरे समाज के साथ एक बेहद ही संवेदनशील तरीके से साझा किया। पेठकर परिवार ने विवाह के शुभ अवसर पर अपने गांव के लगभग 3,500 लोगों को दुर्घटना बीमा का तोहफा दिया, जिसकी चौतरफा सराहना हो रही है।
समाज के साथ खुशियां बांटने की प्रेरक पहल
पेठकर परिवार की इस अनूठी पहल पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमारे देश में जन्मदिन, शादी और पारिवारिक आयोजन सिर्फ निजी मामले नहीं होते, बल्कि पूरे समाज के उत्सव होते हैं। इस परिवार ने महसूस किया कि खुशियां बांटनी हैं तो कुछ ऐसा दिया जाए जो मुश्किल समय में किसी परिवार का संबल बन सके।"
ग्रामीणों के लिए ₹1 लाख का दुर्घटना बीमा कवर
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस परिवार ने हादसे के बाद परिवारों को होने वाली गंभीर आर्थिक तंगी को करीब से देखा था। यही वजह रही कि उन्होंने शादी के मौके पर 3,500 ग्रामीणों में से प्रत्येक को 1 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया। पीएम मोदी के मुताबिक, "इस पहल के पीछे की भावना वास्तव में दिल को छू लेने वाली है, क्योंकि संकट के समय में बहुत छोटी सी मदद भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है।"
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: मात्र ₹20 में ₹2 लाख का कवच
इसी संवेदनशीलता को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना' के बड़े आंकड़े देश के सामने रखे। उन्होंने बताया कि सरकार महज 20 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर, यानी पूरे साल में सिर्फ 20 रुपये खर्च करके, लोगों को 2 लाख रुपये तक का 'दुर्घटना बीमा' कवर दे रही है। अब तक देश के 58 करोड़ से अधिक लोग इस कल्याणकारी योजना से जुड़ चुके हैं।
महिलाओं की बड़ी भागीदारी और हजारों करोड़ की सहायता
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें महिलाओं की भागीदारी बहुत बड़ी है। पीएम मोदी ने डेटा साझा करते हुए कहा, "इन 58 करोड़ लोगों में से लगभग 28 करोड़ हमारी माताएं, बहनें और बेटियां हैं। अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के माध्यम से प्रभावित परिवारों को 3,700 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि मिल चुकी है।"
₹436 के वार्षिक प्रीमियम पर जीवन सुरक्षा
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने 'प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना' के प्रभाव को भी रेखांकित किया। यह योजना किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर देती है। इसका वार्षिक प्रीमियम सिर्फ 436 रुपये है, जो दैनिक आधार पर देखें तो महज 1.50 रुपये प्रतिदिन बैठता है।
लाखों परिवारों के लिए बनी आर्थिक संबल
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 'प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना' से अब तक 27 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। इस योजना के तहत देश भर में लगभग 11 लाख परिवारों को करीब 22,000 करोड़ रुपये की क्लेम राशि दी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन विशाल आंकड़ों के पीछे लाखों परिवारों की भावुक कहानियां छिपी हैं, जहां किसी मां को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की उम्मीद मिली, तो किसी पत्नी को घर संभालने का संबल मिला।
हर जरूरतमंद तक पहुँचाएँ सुरक्षा योजनाओं की जानकारी
अक्सर एक बहुत ही मामूली रकम और एक छोटा सा कदम भी किसी परिवार के लिए संकट के समय में सबसे बड़ा सहारा बन सकता है। एक छोटा सा निर्णय भी बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है। इसलिए, प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सभी नागरिकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे इन कल्याणकारी और सुरक्षा योजनाओं की जानकारी अपने परिवारों और आसपास के लोगों के साथ जरूर साझा करें, ताकि कोई भी जरूरतमंद इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
प्रभाव विश्लेषण: आम जनता के लिए क्यों जरूरी है यह खबर?
सवाल: ₹20 और ₹436 के इन सरकारी बीमा प्लान से आम आदमी को क्या सीधा फायदा है?
जवाब: यह खबर सीधे तौर पर आम जनता की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी है। सिर्फ ₹20 सालाना के प्रीमियम पर ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा (प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना) और ₹436 सालाना (लगभग ₹1.50 रोज) पर ₹2 लाख का जीवन बीमा (प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना) मिलता है। ये दोनों योजनाएं बेहद कम खर्च में किसी भी गरीब या मध्यमवर्गीय परिवार को बड़े आर्थिक संकट से बचा सकती हैं।
सवाल: इन योजनाओं का अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड और सामाजिक प्रभाव क्या रहा है?
जवाब: आंकड़ों के लिहाज से इसका प्रभाव बेहद व्यापक है। दुर्घटना बीमा से 58 करोड़ लोग जुड़े हैं (जिसमें 28 करोड़ महिलाएं हैं) और ₹3,700 करोड़ से ज्यादा की मदद दी जा चुकी है। वहीं, जीवन ज्योति योजना से 27 करोड़ लोग जुड़े हैं, जिसके जरिए 11 लाख परिवारों को ₹22,000 करोड़ की क्लेम राशि मिली है। यह पैसा संकट के समय में बच्चों की शिक्षा और घर चलाने के काम आ रहा है। (Source: ANI)
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