ईरान - इजराइल अमेरिका युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर किचन से लेकर शेयर बाज़ार तक पर दिखने लगा है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का अब किचन पर दिखने लगा असर
देश के बड़े शहरों में रेस्टोरेंट बंद, गैस दाह संस्कार पर भी पाबंदी
नई दिल्ली।
ईरान - इजराइल अमेरिका युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर किचन से लेकर शेयर बाज़ार तक पर दिखने लगा है। भारत में अब घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही रेस्टोरेंट और उद्योगों को रसोई गैस की किल्लत होने लगी है। केन्द्र सरकार ने घरेलू और अस्पतालों को छोड़कर अन्य सेक्टर में कमर्शियल गैस आपूर्ति लगभग रोक दी है। इस वजह से देश की राजधानी दिल्ली के अलावा बेंगलुर, मुंबई कोलकाता, लखनऊ समेत तमाम बड़े शहरों में रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं और उद्योगों में उत्पादन ठप हो गया है। यही नहीं तमाम शहरों में गैस से दाह संस्कार पर भी पाबंदी लगने लगी है।
केन्द्र सरकार ने LPG गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने के साथ ही गैस बुकिंग की बुकिंग अवधि को बढ़ा दिया है। अब गैस बुकिंग 25 दिन बाद हो सकेगी। अब तक डिलीवरी के 21 दिन बाद अगले सिलेंडर की बुकिंग हो सकती थी। सरकारी सूत्रों के अनुसार जमाख़ोरी रोकने के लिए यह बदलाव किया गया है।
प्राकृतिक गैस की 60% से अधिक आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से होती है। जहां पहले हर दिन यहाँ से 138 जहाज़ निकला करते थे, ईरान-इज़रायल संघर्ष के बाद केवल दो या तीन जहाज़ निकल रहे हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने उद्योगों और रेस्टोरेंट के बजाय घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फ़ैसला किया है। कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में गैस आपूर्ति लगभग बंद कर दी गई है। इसीलिए कुछ शहरों में होटलों आदि में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति में कमी दिख रही है। हालांकि सरकार ने गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी रिफाइनरी को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। गैस की वैकल्पिक व्यवस्था के अन्तर्गत केन्द्र सरकार ने कनाडा, अल्जेरिया आदि से गैस आयात करने की पहल की है। उम्मीद है कि जल्द ही इन देशों से भारत को गैस मिलने लगेगी।
एलपीजी की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने एलपीजी की कमी को देखते हुए इसकी जमाखोरी को रोकने के लिए सिलेंडर बुकिंग की अवधि बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया। इसकी वजह जमाखोरी को रोकना है। सरकार का कहना है कि अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न अनिश्चितताओं के बीच बाजार में घबराहट में खरीदारी के संकेत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कर्नाटक के बेंगलुरु के होटल्स संचालकों ने कहा है कि कमर्शियल एलपीजी की कमी के कारण वे आज से अपने होटल्स नहीं चला पाएंगे। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने एक बयान जारी कर कहा कि कमर्शियल कुकिंग गैस की भारी कमी के कारण वे कल से अपने रेस्टोरेंट नहीं चला पाएंगे। वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध के कारण गैस की सप्लाई लगभग पूरी तरह से बंद हो गई है, जिससे रेस्टोरेंट चला पाना अब पूरी तरह मुश्किल हो गया है।
इससे पहले आज पुणे नगर निगम ने एलपीजी गैस की किल्लत के कारण शहर के सभी श्मशान घाटों पर गैस से दाह संस्कार पर रोक लगा दी है। नगर निगम अधिकारी ने बताया कि यह फैसला पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण एलपीजी की सप्लाई में आई कमी के मद्देनजर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के पालन में लिया गया है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और स्टॉक को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के उपाय के रूप में एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग का समय बढ़ा दिया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने की आशंका से बुकिंग बढ़ने से मांग में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
एक अधिकारी ने बताया कि औसतन परिवार एक वर्ष में 14.2 किलोग्राम के 7-8 एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करते हैं और सामान्यतः उन्हें 6 सप्ताह से कम समय में सिलेंडर रिफिल कराने की आवश्यकता नहीं होती है। अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की दरें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर होने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं की जाएगी। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियां फिलहाल मौजूदा लागत दबाव को वहन करेंगी।
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