प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

भारत के रक्षा बजट में बड़ी बढ़ोत्तरी

सैन्य खर्च में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश बना भारत, रक्षा बजट में 8.9% का बड़ा उछाल

वर्ष 2025 में सैन्य खर्च के मामले में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश बनकर उभरे भारत ने अपने रक्षा बजट में 8.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।

सैन्य खर्च में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश बना भारत रक्षा बजट में 89 का बड़ा उछाल

India Ranks 5th Globally in 2025 Military Spending: SIPRI Report |

नई दिल्ली। वर्ष 2025 में सैन्य खर्च के मामले में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश बनकर उभरे भारत ने अपने रक्षा बजट में 8.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। हथियारों पर नजर रखने वाली संस्था सिपरी (SIPRI) द्वारा सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का सैन्य खर्च अब 92.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

रिकॉर्ड 2887 अरब डॉलर पर पहुंचा दुनिया का सैन्य खर्च

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) द्वारा आज प्रकाशित नए आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में वैश्विक सैन्य खर्च 2887 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जो लगातार 11वें साल बढ़ोतरी को दर्शाता है। दुनिया के पांच सबसे बड़े सैन्य खर्च करने वाले देशों में अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी और भारत शामिल हैं। इन पांचों देशों का कुल खर्च 1,686 अरब डॉलर रहा, जो पूरी दुनिया के कुल सैन्य खर्च का 58 प्रतिशत हिस्सा है।

भारत-पाक संघर्ष के बाद बढ़ा रक्षा खर्च

सिपरी की वार्षिक रिपोर्ट 'ट्रेंड्स इन वर्ल्ड मिलिट्री एक्सपेंडिचर' में बताया गया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष, जिसमें लड़ाकू विमानों, ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ था, उसने साल के दौरान भारत के सैन्य खर्च को और बढ़ा दिया। इसी दौरान पाकिस्तान के सैन्य खर्च में भी 11 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और यह 11.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पाकिस्तान के इस बढ़े हुए खर्च का मुख्य कारण भारत के साथ सशस्त्र संघर्ष के बाद चीन को दिए गए विमानों और मिसाइलों के नए ऑर्डर तथा पुराने खरीद अनुबंधों का भुगतान था।

जीडीपी में रक्षा खर्च की हिस्सेदारी बढ़ी, प्रति व्यक्ति खर्च 352 डॉलर

वैश्विक स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सैन्य खर्च की हिस्सेदारी साल 2024 के 2.4 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 2.5 प्रतिशत हो गई। हालांकि, सरकारी खर्च के हिस्से के रूप में वैश्विक औसत सैन्य खर्च 2024 के 7.0 प्रतिशत के मुकाबले 2025 में मामूली रूप से घटकर 6.9 प्रतिशत रहा, जबकि दुनिया भर में प्रति व्यक्ति सैन्य खर्च 352 डॉलर दर्ज किया गया।

अमेरिका का खर्च घटा, यूरोप-एशिया में तेज बढ़ोतरी

रिपोर्ट के मुताबिक, जहां अमेरिका के सैन्य खर्च में गिरावट आई, वहीं यूरोप में इसमें 14 प्रतिशत और एशिया व ओशिनिया क्षेत्र में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके विपरीत, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता के बावजूद वहां खर्च में केवल मामूली बढ़त ही देखी गई। वैश्विक सैन्य खर्च में आई लगभग 3 प्रतिशत की इस तेजी का मुख्य कारण यूरोप और एशिया के देशों द्वारा अपने रक्षा बजट में की गई भारी वृद्धि है। सिपरी का कहना है कि 2025 में वैश्विक सैन्य खर्च में फिर से उछाल आया क्योंकि दुनिया भर के देशों ने युद्धों, अनिश्चितता और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के जवाब में बड़े पैमाने पर हथियार जुटाने के अभियान चलाए।

अमेरिका का सैन्य खर्च 7.5 प्रतिशत घटकर रहा 954 अरब डॉलर

अमेरिका का सैन्य खर्च 954 अरब डॉलर रहा, जो 2024 की तुलना में 7.5 प्रतिशत कम है। इस गिरावट की मुख्य वजह यह रही कि साल के दौरान यूक्रेन के लिए किसी नई वित्तीय सैन्य सहायता को मंजूरी नहीं दी गई, जबकि पिछले तीन सालों में इसके लिए कुल 127 अरब डॉलर दिए गए थे। दूसरी ओर, यूरोप में सैन्य खर्च 14 प्रतिशत बढ़कर 864 अरब डॉलर हो गया, जिसमें रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के चौथे वर्ष में दोनों देशों के बढ़ते खर्च का बड़ा योगदान रहा। साथ ही, नाटो के यूरोपीय सदस्य देशों द्वारा किए जा रहे री-आर्ममेंट प्रयासों ने मध्य और पश्चिमी यूरोप में शीत युद्ध की समाप्ति के बाद से अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि दर्ज की।

चीन ने अपने सैन्य खर्च में की 7.4 प्रतिशत की वृद्धि

एशिया और ओशिनिया में सैन्य खर्च कुल 681 अरब डॉलर रहा, जो 2024 की तुलना में 8.1 प्रतिशत अधिक है और साल 2009 के बाद से यह सबसे बड़ी वृद्धि है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े सैन्य खर्च करने वाले देश चीन ने अपने सैन्य खर्च में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि की, जो अब 336 अरब डॉलर हो गया है। यह चीन के सैन्य आधुनिकीकरण अभियान के चलते खर्च में लगातार 31वीं वार्षिक बढ़ोतरी है। सिपरी की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सैन्य खरीद में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए गए नए अभियान का खर्च पर कोई असर पड़ता नहीं दिखा।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/world/iran-slams-pakistans-role-as-mediator-in-us-talks/179720

अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की निष्पक्षता पर उठे सवाल

Related to this topic: