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बेलडांगा में मजदूर हत्या के विरोध में प्रदर्शन

बिहार में प्रवासी मजदूर की हत्या के विरोध में पश्चिम बंगाल के बेलडांगा (मुर्शिदाबाद) में विरोध प्रदर्शन

बिहार में रोजगार के लिए गए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा निवासी युवक मोहम्मद अल्लाउद्दीन की हत्या के विरोध में स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

बिहार में प्रवासी मजदूर की हत्या के विरोध में पश्चिम बंगाल के बेलडांगा मुर्शिदाबाद में विरोध प्रदर्शन

Migrant worker killing |

बेलडांगा में सड़क और रेल मार्ग जाम

बिहार में रोजगार के लिए गए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा निवासी युवक मोहम्मद अल्लाउद्दीन की हत्या के विरोध में स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने बेलडांगा इलाके में राष्ट्रीय उच्च मार्ग और रेल मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। 

महिला पत्रकार और फोटोग्राफर घायल

विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की महिला पत्रकार सोमा माइती और एक फोटोग्राफर के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, जिसमें दोनों घायल हो गए। आरोप है कि घटना के वक्त पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन पत्रकारों को बचाने के लिए आगे नहीं आई। पत्रकार द्वारा मदद की गुहार लगाने के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठने लगे हैं। 

प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा का मुद्दा

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए गए पश्चिम बंगाल के लोगों पर हो रहे कथित हमलों और हत्याओं को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें।  केंद्रीय मंत्री सुकांत मजुमदार ने पत्रकार पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल बताया।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि टीएमसी अब अराजक और अपराधी तत्वों की पार्टी बन गई है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बताया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

अपराधी तत्वों की करतूत: पार्टी प्रवक्ता

टीएमसी नेता और प्रवक्ता अरुप चक्रवर्ती ने भी पत्रकार पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि पत्रकार पर हमला करने वाले विरोध प्रदर्शनकारी नहीं, बल्कि अराजक और अपराधी तत्व हो सकते हैं।

मुआवजा और नौकरी के आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन

स्थानीय लोगों ने करीब सात घंटे तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग और रेल मार्ग को अवरुद्ध रखा। बाद में जिला प्रशासन की ओर से मृतक युवक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 10 लाख रुपये मुआवजा देने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

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