राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज नहीं किया और सबूत पेश करने को कहा। INDIA गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया में सुधार की मांग की।
नई दिल्ली (भारत)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि राष्ट्रपति ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज करेंगी, लेकिन उनकी बातों को नकारा नहीं गया, जिससे वह हैरान और स्तब्ध रह गए। INDIA गठबंधन के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और चुनावी प्रक्रिया में सुधार सहित कई मांगें रखीं।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि राष्ट्रपति भारत की चुनावी व्यवस्था को स्वतंत्र और निष्पक्ष बताते हुए ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज कर देंगी। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ने विपक्ष की बात को नकारा नहीं और उनसे चुनावी अनियमितताओं के सबूत मांगे। राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष के पास इन आरोपों से जुड़े सबूत हैं और वे उन्हें राष्ट्रपति के सामने पेश करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया। राहुल गांधी के अनुसार, राष्ट्रपति ने उनके आरोपों पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि सबूत देने को कहा।
INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल था?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने वाले 10 सदस्यीय विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे। क्षेत्रीय दलों की ओर से तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के नेता राजीव राय, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला मौजूद थे।
इसके अलावा, CPI(M) नेता एम.ए. बेबी, CPI नेता डी. राजा, राष्ट्रीय जनता दल की ओर से तेजस्वी यादव या मनोज झा तथा विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) के प्रमुख थोल. थिरुमावलवन भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने मीडिया से बातचीत कर अपनी मांगों और राष्ट्रपति के साथ हुई चर्चा की जानकारी दी।
खड़गे बोले- राष्ट्रपति ने ध्यान से सुनी विपक्ष की बात
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने अपना पक्ष पूरी तरह रखा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर विपक्ष की चिंताओं से राष्ट्रपति को अवगत कराने की बात कही।
खड़गे के मुताबिक, राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यान से सुनी और कहा कि वह मामले की जांच करेंगी, संबंधित पक्षों से सलाह लेंगी और उचित कार्रवाई पर विचार करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ने कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े सबूत मांगे हैं, जिन्हें विपक्ष इकट्ठा कर उन्हें सौंपेगा।
ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के रुख को बताया सकारात्मक
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बैठक के बाद राष्ट्रपति के रुख को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने ज्ञापन स्वीकार किया और मामले की जांच करने तथा संबंधित विवरण देखने की बात कही। ममता बनर्जी के अनुसार, राष्ट्रपति ने विपक्ष से आरोपों के समर्थन में सबूत भेजने को कहा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि देश में इस मुद्दे को लेकर चिंता है और संविधान की संरक्षक होने के नाते राष्ट्रपति को लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस मामले पर उचित ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने राष्ट्रपति को अपनी चिंताओं से अवगत कराया और सबूत उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
INDIA गठबंधन की चार प्रमुख मांगें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपे गए ज्ञापन में INDIA गठबंधन ने चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे, गिरफ्तारी और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग शामिल है। गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त को मिली संसदीय छूट समाप्त करने की मांग भी उठाई।
इसके अलावा, विपक्ष ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तत्काल रोकने तथा रद्द करने की मांग की। ज्ञापन में विभिन्न राज्यों की मतदाता सूचियों से हटाए गए करोड़ों नामों को दोबारा शामिल करने की मांग भी की गई।
संसद से राष्ट्रपति भवन तक निकाला मार्च
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला। इस दौरान विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर निशाना साधा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब विपक्ष SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और सुधार की मांग करते हुए अपना अभियान तेज करने की बात कही है।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी हलचल
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई कदम उठाए जाने की खबरें सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाकर Z+ श्रेणी की कर दी है। वहीं, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले देशभर में राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आईं।
कानूनी मोर्चे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस की उस याचिका को सोमवार, 12 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया है, जिसमें दिल्ली पुलिस द्वारा निर्धारित विरोध स्थलों पर शांतिपूर्ण सभा की अनुमति देने से इनकार करने के फैसले को चुनौती दी गई है। (Source: ANI)
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