पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में लॉजिस्टिक बाधाओं के बावजूद, अप्रैल महीने में भारत के वस्तु निर्यात में करीब 14 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में लॉजिस्टिक बाधाओं के बावजूद, अप्रैल महीने में भारत के वस्तु निर्यात में करीब 14 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। निर्यात के लिहाज से यह पिछले चार वर्षों का सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।
अप्रैल में निर्यात में तेज बढ़ोतरी
केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल में भारत का वस्तु निर्यात 43.56 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 13.78 प्रतिशत अधिक है। वहीं वस्तु और सेवाओं को मिलाकर कुल निर्यात 80.80 अरब डॉलर तक पहुंच गया। पिछले वर्ष अप्रैल में यह आंकड़ा 71.13 अरब डॉलर था। इस तरह कुल निर्यात में 13.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
कई सेक्टरों में बढ़ी मांग
इस दौरान इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र और उच्च मूल्य वाले पेट्रोलियम उत्पादों की मांग में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्यात में सालाना आधार पर 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
पेट्रोलियम निर्यात में बड़ा उछाल
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में 34.66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसने कुल निर्यात वृद्धि में अहम योगदान दिया। निर्यात में वृद्धि के बावजूद महंगे कच्चे तेल के आयात के कारण देश का व्यापार घाटा बढ़ गया। अप्रैल में वस्तुओं का व्यापार घाटा बढ़कर 28.38 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो तीन महीने का उच्च स्तर है। हालांकि सेवाओं के क्षेत्र में 20.58 अरब डॉलर के सकारात्मक संतुलन के कारण कुल व्यापार घाटा घटकर 7.81 अरब डॉलर रहा।
सोना और चांदी आयात में भारी बढ़ोतरी
अप्रैल में गोल्ड इंपोर्ट 81.96 प्रतिशत बढ़कर 5.62 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं सिल्वर इंपोर्ट 157.16 प्रतिशत बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर रहा। दूसरी ओर कच्चे तेल का आयात 10 प्रतिशत घटकर 18.7 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इस दौरान खाद्य तेल का आयात 40 प्रतिशत बढ़ा। मिनरल्स आयात में 52 प्रतिशत और मेटल्स आयात में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। छह महीने बाद चीन और रूस से आयात में भी तेजी देखने को मिली।
खाड़ी देशों के साथ व्यापार प्रभावित
मार्च के बाद अप्रैल में भी खाड़ी देशों के साथ व्यापार में गिरावट दर्ज की गई। वैकल्पिक मार्गों के कारण सऊदी अरब और ओमान से आयात बढ़ा, लेकिन यूएई, कतर, इराक और बहरीन के साथ व्यापार प्रभावित रहा।
चीन को निर्यात बढ़ा
केंद्रीय वाणिज्य सचिव Rajesh Agrawal ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद अप्रैल में निर्यात वृद्धि की रफ्तार पिछले पांच महीनों में सबसे तेज रही। चीन को भारत का निर्यात 27 प्रतिशत बढ़कर 1.77 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 20.85 प्रतिशत बढ़कर 11.97 अरब डॉलर पहुंच गया।
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