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YouTube पर AI गानों की पहचान, लगेगा खास लेबल

YouTube पर अब AI से बने गानों की होगी पहचान, प्लेटफॉर्म लगाएगा खास लेबल

संगीत की दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में यह पहचानना मुश्किल होता जा रहा है कि कोई गाना पूरी तरह मौलिक है या एआई की मदद से तैयार किया गया है।

youtube पर अब ai से बने गानों की होगी पहचान प्लेटफॉर्म लगाएगा खास लेबल

YouTube to Label AI-Generated Songs for Easy Identification |

लॉस एंजिल्स: संगीत की दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में यह पहचानना मुश्किल होता जा रहा है कि कोई गाना पूरी तरह मौलिक है या एआई की मदद से तैयार किया गया है। इसी भ्रम को दूर करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए YouTube अपने प्लेटफॉर्म पर एआई से बनाए गए गानों को खास लेबल के जरिए चिह्नित करेगा। वैरायटी के अनुसार, YouTube ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि जेनरेटिव एआई कलाकारों को संगीत बनाने, नए प्रयोग करने और अपनी रचनाएं साझा करने के नए अवसर दे रहा है। कंपनी ने बताया कि श्रोता एआई से तैयार किए गए गाने सुनते समय उनके बारे में स्पष्ट जानकारी चाहते हैं। यह लेबल बुधवार से YouTube Music पर शुरू हो गया है और जल्द ही मुख्य YouTube प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होगा।

किन गानों पर लगेगा AI लेबल?

YouTube के अपने पहचान उपकरणों और उसके संगीत भागीदारों की ओर से चिह्नित उन गानों पर यह लेबल लगाया जाएगा, जिन्हें मुख्य रूप से जेनरेटिव एआई का इस्तेमाल करके बनाया गया माना जाएगा। इसका उद्देश्य श्रोताओं को यह समझने में मदद करना है कि वे किस तरह का संगीत सुन रहे हैं। एआई से बने संगीत की पहचान करने के लिए दूसरे म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म भी कदम उठा रहे हैं। अगस्त में Apple Music ने घोषणा की थी कि वह इस साल के अंत तक गानों के लिए 'मेड बाय एआई' लेबल पेश करेगा। वहीं, Spotify की योजना एआई से निर्मित प्रतीत होने वाले कलाकारों की प्रोफाइल को 'एआई पर्सोना' के रूप में चिह्नित करने की है। वैरायटी के अनुसार, Tidal ने भी एआई से बनाए गए ट्रैक को लेबल करने और उन्हें रॉयल्टी अर्जित करने से रोकने का वादा किया है।

संगीत उद्योग के संगठनों ने भी की लेबलिंग की मांग

संगीतकारों और संगीत उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले कई संगठनों ने भी एआई से बने संगीत की पहचान के लिए लेबलिंग व्यवस्था की वकालत की है। इनमें RIAA, IFPI, ग्रैमी और SAG-AFTRA शामिल हैं। इन संगठनों ने गर्मियों में एकजुट होकर ऐसे संकेतकों के इस्तेमाल की मांग की, जिनसे पता चल सके कि कोई गाना पूरी तरह एआई से बनाया गया है या उसे तैयार करने में एआई की सहायता ली गई है। इसके लिए 'AI-Generated' और 'AI-Assisted' जैसे लेबल इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है।

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