आज निर्जला एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है।
नई दिल्ली। आज निर्जला एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान-पुण्य करने से सुख-समृद्धि और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस वर्ष निर्जला एकादशी पर गुरुवार का विशेष संयोग भी बन रहा है, जिसे ज्योतिष की दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इसका सकारात्मक प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से देखने को मिल सकता है।
निर्जला एकादशी का महत्व
निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु बिना जल ग्रहण किए व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से अनेक एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।
गुरुवार का शुभ संयोग
इस बार निर्जला एकादशी गुरुवार के दिन पड़ रही है। गुरुवार का संबंध भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति से माना जाता है। ऐसे में यह संयोग धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय शुभ रह सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने के योग बन सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों को इस अवधि में भाग्य का साथ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और सफलता के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए यह संयोग लाभदायक माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में राहत मिलने के संकेत हैं। शिक्षा और करियर से जुड़े मामलों में भी अच्छे समाचार मिल सकते हैं।
करें भगवान विष्णु की पूजा
निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, मंत्र जाप और जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए व्रत से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आने की मान्यता है।
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