सावन के अंतिम सोमवार पर जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण, मंत्र जाप, दान और शिव आरती को श्रद्धा के साथ करने की धार्मिक परंपरा है।
Sawan Somvar: Special Puja Rituals and Remedies for the Last Monday of Sawan | AI Image
नई दिल्ली (भारत)। सावन का अंतिम सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सुख-शांति की कामना की जाती है। सावन के अंतिम सोमवार पर कुछ विशेष उपाय करने की भी परंपरा है।
जल और बेलपत्र से करें अभिषेक
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें। शिवलिंग पर सबसे पहले स्वच्छ जल अर्पित करें। इसके बाद बेलपत्र, सफेद फूल और अक्षत चढ़ाएं। बेलपत्र चढ़ाते समय “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।
पंचामृत से करें अभिषेक
श्रद्धानुसार दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से पंचामृत तैयार करके शिवलिंग का अभिषेक किया जा सकता है। इसके बाद स्वच्छ जल से अभिषेक करें। पूजा के दौरान भगवान शिव का ध्यान करें और शिव मंत्र का जाप करें।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप
सोमवार पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से अत्यंत सुखदायक फल प्राप्त होता है—
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”
श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार मंत्र का जाप कर सकते हैं।
भगवान शिव को चढ़ाएं ये चीजें
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा और आक के फूल अर्पित किए जाते हैं। हालांकि पूजा में वही सामग्री इस्तेमाल करें जो आपके स्थानीय मंदिर और परंपरा में स्वीकार्य हो। शिवलिंग पर कुछ भी चढ़ाने से पहले मंदिर की परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए।
जरूरतमंदों को करें दान
सावन के अंतिम सोमवार पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक सामग्री का दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से सेवा और दान को पुण्यकारी कार्य माना गया है।
शाम को करें शिव आरती
दिनभर व्रत या पूजा करने के बाद शाम को भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। घर में परिवार के साथ “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें और भगवान शिव से परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
सबसे जरूरी है श्रद्धा
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए महंगे चढ़ावे से ज्यादा सच्ची श्रद्धा, अच्छे कर्म और संयम को महत्व दिया जाता है। इसलिए अंतिम सावन सोमवार पर पूजा के साथ किसी जरूरतमंद की मदद करना और अहंकार, क्रोध व गलत आचरण से दूर रहने का संकल्प लेना भी शुभ माना जाता है।
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है।)
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