23 सितंबर 2026 (बुधवार) को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। द्वादशी तिथि रात करीब 10:50 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: भाद्रपद
ऋतु: शरद ऋतु
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: द्वादशी — रात 10:50 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी
नक्षत्र: श्रवण — सुबह 9:09 बजे तक, इसके बाद धनिष्ठा
योग: सुकर्मा — शाम करीब 4:27 बजे तक
करण: बव — सुबह 10:21 बजे तक; इसके बाद बालव — रात 10:50 बजे तक
वार: बुधवार
चंद्र राशि: मकर
सूर्य राशि: कन्या
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह 6:10 बजे लगभग
सूर्यास्त: शाम 6:17 बजे लगभग
चंद्रोदय: शाम 4:20 बजे लगभग
चंद्रास्त: रात 3:32 बजे लगभग
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
लाभ उन्नति प्रातः 06:10 से 07:41 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम प्रातः 07:41 से 09:12 बजे तक
काल हानि प्रातः 09:12 से 10:43 बजे तक
शुभ उत्तम प्रातः 10:43 से दोपहर 12:14 बजे तक
रोग अमंगल दोपहर 12:14 से 01:45 बजे तक
उद्वेग अशुभ दोपहर 01:45 से 03:16 बजे तक
चर सामान्य दोपहर 03:16 से 04:47 बजे तक
लाभ उन्नति शाम 04:47 से 06:17 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
उद्वेग अशुभ शाम 06:17 से 07:46 बजे तक
शुभ उत्तम रात 07:46 से 09:15 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम रात 09:15 से 10:44 बजे तक
चर सामान्य रात 10:44 से 12:13 बजे तक
रोग अमंगल रात 12:13 से 01:42 बजे तक
काल हानि प्रातः 01:42 से 03:11 बजे तक
लाभ उन्नति प्रातः 03:11 से 04:40 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम प्रातः 04:40 से 06:10 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्ममुहूर्त: सुबह करीब 4:31 से 5:19 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह करीब 11 :39 से 12 :38 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:10 से 2:59 बजे तक
गोधूलि बेला: शाम 6:17 से 6:41 बजे तक
राहुकाल: दोपहर करीब 12:10 से 1:41 बजे तक
यमगंड: सुबह करीब 7:40 से 9:11 बजे तक
गुलिक काल: सुबह करीब 10:42 से दोपहर 12:13 बजे तक
दुर्मुहूर्त: करीब 11:45 बजे से 12:34 बजे तक
अमृत काल: रात करीब 11:34 बजे से 1:15 बजे तक
वर्ज्य: दोपहर करीब 1:23 से 3:05 बजे तक
दिशा शूल: उत्तर दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यदि आवश्यक को तो धनिया या तिल खाकर यात्रा की जा सकती है।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य कन्या
चंद्रमा मकर
मंगल मिथुन
बुध कन्या
गुरु कर्क
शुक्र तुला
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
आज के प्रमुख धार्मिक अवसर
वामन जयंती
कल्कि द्वादशी
Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।