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आज का पंचांग

30 अगस्त 2026 (रविवार) को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का संयोग

30 अगस्त 2026 (रविवार) को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। द्वितीया तिथि सुबह लगभग 09:36 बजे तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ होगी।

30 अगस्त 2026 रविवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का संयोग

The Dwitiya Tithi of the month of Bhadrapada (Krishna Paksha) |

नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी

मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

पक्ष व तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वितीया (प्रातः लगभग 09:36 बजे तक), इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ।

माह: भाद्रपद

ऋतु: वर्षा ऋतु

अयन: दक्षिणायन

वार: रविवार

नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (31 अगस्त की प्रातः लगभग 03:44 बजे तक), इसके बाद रेवती।

योग: शूल योग (31 अगस्त की प्रातः लगभग 03:46 बजे तक), इसके बाद गण्ड योग।

करण: गर (प्रातः लगभग 09:36 बजे तक), इसके बाद वणिज (रात्रि लगभग 09:16 बजे तक), तत्पश्चात विष्टि।

चंद्र राशि: मीन

सूर्य राशि: सिंह

सूर्योदय: प्रातः 05:58 बजे (लगभग)

सूर्यास्त: सायं 06:45 बजे (लगभग)

चंद्रोदय: सायं लगभग 07:57 बजे (लगभग)

चंद्रास्त: प्रातः लगभग 07:44 बजे (लगभग)

दिन का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

उद्वेग              अशुभ              प्रातः 05:58 से 07:34 बजे तक
चर                 सामान्य            प्रातः 07:34 से 09:10 बजे तक
लाभ                उन्नति             प्रातः 09:10 से 10:46 बजे तक
अमृत              सर्वोत्तम           प्रातः 10:46 से 12:22 बजे तक
काल               हानि               दोपहर 12:22 से 01:58 बजे तक
शुभ                उत्तम              दोपहर 01:58 से 03:34 बजे तक
रोग                अमंगल            सायं 03:34 से 05:09 बजे तक
उद्वेग              अशुभ              सायं 05:09 से 06:45 बजे तक

रात्रि का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

शुभ                उत्तम               सायं 06:45 से 08:09 बजे तक
अमृत              सर्वोत्तम            रात्रि 08:09 से 09:33 बजे तक
चर                 सामान्य            रात्रि 09:33 से 10:57 बजे तक
रोग                अमंगल            रात्रि 10:57 से 12:21 बजे तक
काल               हानि               रात्रि 12:21 से 01:45 बजे तक
लाभ               उन्नति              रात्रि 01:45 से 03:09 बजे तक
उद्वेग              अशुभ              प्रातः 03:09 से 04:33 बजे तक
शुभ                उत्तम              प्रातः 04:33 से 05:58 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:56 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक।

राहुकाल: सायं 05:09 बजे से 06:45 बजे तक।

यमगण्ड: दोपहर 12:22 बजे से 01:57 बजे तक।

गुलिक काल: दोपहर 03:33 बजे से 05:09 बजे तक।

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः लगभग 04:22 बजे से 05:10 बजे तक।

गोधूलि मुहूर्त: सायं लगभग 06:45 बजे से 07:09 बजे तक।

दिशाशूल: पश्चिम दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार दलिया या पान का सेवन करके यात्रा प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                    राशि

सूर्य                    सिंह
चंद्रमा                 मीन
मंगल                 मिथुन
बुध                    सिंह
गुरु (बृहस्पति)     कर्क
शुक्र                  कन्या
शनि                  मीन
राहु                   कुंभ
केतु                  सिंह

आज के प्रमुख धार्मिक अवसर

विंध्यावासिनी जन्मोत्सव: आज तृतीया तिथि क आरंभ होते ही माँ विंध्यावासिनी जी का प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा।

(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य या व्रत-पूजन से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)


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