09 अगस्त 2026 (रविवार) को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी। इस दिन कामदा एकादशी व्रत रखा जाएगा।
नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी
मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
पक्ष व तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी (प्रातः 11:04 बजे तक), इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ।
माह: श्रावण
ऋतु: वर्षा ऋतु
अयन: दक्षिणायन
वार: रविवार
नक्षत्र: मृगशिरा (दोपहर 02:43 बजे तक), इसके बाद आर्द्रा।
योग: हर्षण योग (रात्रि 02:04 बजे तक, 10 अगस्त), इसके बाद वज्र योग।
करण: बालव (प्रातः 11:04 बजे तक), इसके बाद कौलव (रात्रि 09:33 बजे तक), तत्पश्चात तैतिल।
चंद्र राशि: मिथुन
सूर्य राशि: कर्क
सूर्योदय: प्रातः 05:46 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 07:06 बजे (लगभग)
चंद्रोदय: रात्रि लगभग 02:45 बजे
चंद्रास्त: सायं लगभग 04:20 बजे
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
उद्वेग अशुभ प्रातः 05:46 से 07:26 तक
चर सामान्य प्रातः 07:26 से 09:06 तक
लाभ उन्नति प्रातः 09:06 से 10:46 तक
अमृत सर्वोत्तम प्रातः 10:46 से 12:26 तक
काल हानि दोपहर 12:26 से 02:06 तक
शुभ उत्तम दोपहर 02:06 से 03:46 तक
रोग अमंगल सायं 03:46 से 05:26 तक
उद्वेग अशुभ सायं 05:26 से 07:06 तक
रात्रि का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
शुभ उत्तम सायं 07:06 से 08:26 तक
अमृत सर्वोत्तम रात्रि 08:26 से 09:46 तक
चर सामान्य रात्रि 09:46 से 11:06 तक
रोग अमंगल रात्रि 11:06 से 12:26 तक
काल हानि रात्रि 12:26 से 01:46 तक
लाभ उन्नति रात्रि 01:46 से 03:06 तक
उद्वेग अशुभ रात्रि 03:06 से 04:26 तक
शुभ उत्तम प्रातः 04:26 से 05:46 तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक।
राहुकाल: सायं 05:26 बजे से 07:06 बजे तक।
यमगण्ड: दोपहर 12:26 बजे से 02:06 बजे तक।
गुलिक काल: दोपहर 03:46 बजे से 05:26 बजे तक।
दिशाशूल: पश्चिम दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार घी, दलिया या पान का सेवन करके प्रस्थान करना शुभ माना जाता है।
द्विपुष्कर योग: प्रातः 11:04 बजे से दोपहर 02:43 बजे तक।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य कर्क
चंद्रमा मिथुन
मंगल वृषभ
बुध मिथुन
गुरु (बृहस्पति) कर्क
शुक्र सिंह
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य या व्रत-पूजन से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)
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