07 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप शुभ फलदायी माना जाता है।
नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी
मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
पक्ष व तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष नवमी (सायं 06:30 बजे तक), इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ।
माह: श्रावण
ऋतु: वर्षा ऋतु
अयन: दक्षिणायन
वार: शुक्रवार
नक्षत्र: कृत्तिका (रात्रि 08:42 बजे तक), इसके बाद रोहिणी।
योग: वृद्धि योग (दोपहर 02:42 बजे तक), इसके बाद ध्रुव योग।
करण: तैतिल
चंद्र राशि: मेष (रात्रि 08:42 बजे तक), इसके बाद वृषभ।
सूर्य राशि: कर्क
सूर्योदय: प्रातः 05:57 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 06:57 बजे (लगभग)
चंद्रोदय: रात्रि लगभग 12:18 बजे
चंद्रास्त: दोपहर लगभग 01:18 बजे
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
चर सामान्य प्रातः 05:57 से 07:37 तक
लाभ उन्नति प्रातः 07:37 से 09:18 तक
अमृत सर्वोत्तम प्रातः 09:18 से 10:58 तक
काल हानि प्रातः 10:58 से 12:38 तक
शुभ उत्तम दोपहर 12:38 से 02:19 तक
रोग अमंगल दोपहर 02:19 से 03:59 तक
उद्वेग अशुभ सायं 03:59 से 05:39 तक
चर सामान्य सायं 05:39 से 06:57 तक
रात्रि का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
रोग अमंगल सायं 06:57 से 08:17 तक
काल हानि रात्रि 08:17 से 09:36 तक
लाभ उन्नति रात्रि 09:36 से 10:56 तक
उद्वेग अशुभ रात्रि 10:56 से 12:15 तक
शुभ उत्तम रात्रि 12:15 से 01:35 तक
अमृत सर्वोत्तम रात्रि 01:35 से 02:54 तक
चर सामान्य रात्रि 02:54 से 04:14 तक
रोग अमंगल प्रातः 04:14 से 05:57 तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से 12:53 बजे तक।
राहुकाल: प्रातः 10:58 बजे से 12:38 बजे तक।
यमगण्ड: दोपहर 03:59 बजे से 05:39 बजे तक।
गुलिक काल: प्रातः 07:37 बजे से 09:18 बजे तक।
दिशाशूल: पश्चिम दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो गुड़ या जौ का सेवन करके प्रस्थान करना शुभ माना जाता है।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य कर्क
चंद्रमा मेष (रात्रि में वृषभ में प्रवेश)
मंगल वृषभ
बुध मिथुन
गुरु (बृहस्पति) कर्क
शुक्र सिंह
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)
यह भी पढ़ेंः भगवान शिव से प्रेरित नामों का बढ़ा ट्रेंड, माता-पिता चुन रहे आध्यात्मिक और अर्थपूर्ण नाम