17 सितंबर 2026 (गुरुवार) को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी। षष्ठी तिथि सुबह करीब 10:49 बजे तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: भाद्रपद
ऋतु: वर्षा ऋतु
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: षष्ठी — सुबह करीब 10:49 बजे तक, इसके बाद सप्तमी
नक्षत्र: अनुराधा — शाम 5:45 बजे तक, इसके बाद ज्येष्ठा
योग: धृति — दोपहर करीब 2:30 बजे तक, इसके बाद शूल
करण: विष्टि — सुबह करीब 8:55 बजे तक, इसके बाद बव; रात 9:05 बजे के बाद बालव
वार: गुरुवार
चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्य राशि: कन्या
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह 6:07 बजे के आसपास
सूर्यास्त: शाम 6:24 बजे के आसपास
चंद्रोदय: दोपहर करीब 1:18 बजे
चंद्रास्त: रात करीब 11:56 बजे
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
शुभ उत्तम प्रातः 06:07 से 07:39 बजे तक
रोग अमंगल प्रातः 07:39 से 09:11 बजे तक
उद्वेग अशुभ प्रातः 09:11 से 10:43 बजे तक
चर सामान्य प्रातः 10:43 से दोपहर 12:15 बजे तक
लाभ उन्नति दोपहर 12:15 से 01:47 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम दोपहर 01:47 से 03:19 बजे तक
काल हानि दोपहर 03:19 से 04:51 बजे तक
शुभ उत्तम शाम 04:51 से 06:24 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
रोग अमंगल शाम 06:24 से 07:52 बजे तक
काल हानि रात 07:52 से 09:20 बजे तक
लाभ उन्नति रात 09:20 से 10:48 बजे तक
उद्वेग अशुभ रात 10:48 से 12:16 बजे तक
शुभ उत्तम रात 12:16 से 01:44 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम प्रातः 01:44 से 03:12 बजे तक
चर सामान्य प्रातः 03:12 से 04:40 बजे तक
रोग अमंगल प्रातः 04:40 से 06:07 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्ममुहूर्त: सुबह 4:34 बजे से 5:20 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:20 बजे से 3:09 बजे तक
गोधूलि बेला: शाम 6:24 बजे से 6:48 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 1:47 बजे से 3:19 बजे तक
यमगंड: सुबह 6:07 बजे से 7:39 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 9:11 बजे से 10:43 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:12 से 11:02 बजे तक तथा दोपहर 3:09 से 3:59 बजे तक
अमृत काल: सुबह करीब 9:30 बजे से 11:05 बजे तक
वर्ज्य: रात करीब 2:35 बजे से 4:12 बजे तक
दिशा शूल: दक्षिण दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा आवश्यक होने पर परंपरा के अनुसार दही या जीरा खाकर यात्रा की जा सकती है।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य कन्या
चंद्रमा वृश्चिक
मंगल मिथुन
बुध कन्या
गुरु कर्क
शुक्र तुला
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
आज के प्रमुख धार्मिक अवसर
17 सितंबर को भाद्रपद मास की संक्रांति रहेगी। आज देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाएगी।
Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।
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