मेटा ने Brain2Qwerty v2 नामक एक नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणाली पेश की है, जो बिना किसी सर्जिकल इम्प्लांट के मस्तिष्क की गतिविधि को टेक्स्ट में बदल सकती है।
नई दिल्ली। मेटा ने Brain2Qwerty v2 नामक एक नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणाली पेश की है, जो बिना किसी सर्जिकल इम्प्लांट के मस्तिष्क की गतिविधि को टेक्स्ट में बदल सकती है। कंपनी ने इसे ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) अनुसंधान की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
रियल टाइम में वाक्य डिकोड करने में सक्षम
मेटा के अनुसार, Brain2Qwerty v2 गैर-आक्रामक मस्तिष्क रिकॉर्डिंग से रियल टाइम में वाक्यों को डिकोड करने वाली अब तक की सबसे उन्नत एंड-टू-एंड प्रणाली है। कंपनी का दावा है कि इसकी सटीकता अब उन तकनीकों के करीब पहुंच रही है, जिनके लिए पहले मस्तिष्क की सर्जरी आवश्यक होती थी।
मस्तिष्क क्षति वाले मरीजों के लिए हो सकता है मददगार
कंपनी का कहना है कि यह तकनीक उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकती है, जो मस्तिष्क क्षति या अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण संवाद करने में असमर्थ हैं। यह सिस्टम सर्जरी के बजाय गैर-आक्रामक मस्तिष्क रिकॉर्डिंग तकनीक का उपयोग करता है।
22 हजार वाक्यों पर किया गया प्रशिक्षण
मेटा ने बताया कि Brain2Qwerty v2 को नौ स्वयंसेवकों से जुटाए गए लगभग 22 हजार वाक्यों के डेटा पर प्रशिक्षित किया गया। प्रतिभागियों ने लगभग 10 घंटे तक मैग्नेटोएन्सेफेलोग्राफी (MEG) डिवाइस पहनकर टाइपिंग की, जिससे सिस्टम ने मस्तिष्क संकेतों और भाषा के बीच संबंध सीखने में मदद ली।
डीप लर्निंग और भाषा मॉडल का इस्तेमाल
सिस्टम कच्चे मस्तिष्क संकेतों से सीधे भाषा को समझने के लिए एंड-टू-एंड डीप लर्निंग तकनीक का उपयोग करता है। बड़े भाषा मॉडल (LLMs) को न्यूरल डेटा पर फाइन-ट्यून किया गया, जिससे यह शोर वाले मस्तिष्क संकेतों को भी अर्थपूर्ण टेक्स्ट में बदलने में सक्षम हुआ।
61 प्रतिशत तक शब्द सटीकता का दावा
मेटा के मुताबिक, नए सिस्टम ने 61 प्रतिशत शब्द सटीकता हासिल की, जबकि अन्य गैर-आक्रामक तकनीकों की सटीकता लगभग 8 प्रतिशत रही है। सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी के मामले में यह सटीकता 78 प्रतिशत तक पहुंची।
शोध को आगे बढ़ाने के लिए कोड और डेटा होगा सार्वजनिक
कंपनी ने घोषणा की है कि वह Brain2Qwerty v1 और v2 का प्रशिक्षण कोड सार्वजनिक करेगी। इसके साथ ही उसका शोध साझेदार BCBL भी Brain2Qwerty v1 का डेटासेट जारी करेगा। मेटा का कहना है कि यह पहल उसके डिजिटल ब्रेन प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य तंत्रिका विज्ञान अनुसंधान को आगे बढ़ाना और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के बेहतर निदान एवं उपचार में सहायता करना है।
ANI
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