पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भारत का सर्वकालिक महान क्रिकेटर चुना है।
Ashwin Picks Sachin as India Greatest Ever, Stuns with Choices for Virat and Dhoni |
मुंबई (महाराष्ट्र): पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भारत का सर्वकालिक महान क्रिकेटर चुना है। हालांकि, भारत के सर्वश्रेष्ठ 16 क्रिकेटरों को चुनने के दौरान अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर कुछ चौंकाने वाले फैसले किए और फाइनल में सचिन के सामने एक अप्रत्याशित प्रतिद्वंद्वी को चुना।
अश्विन ने चुने भारत के सर्वश्रेष्ठ 16 क्रिकेटर
अश्विन को क्रिकइंफो के एक वीडियो में भारत के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ 16 क्रिकेटरों को चुनने का जिम्मा दिया गया था। राउंड ऑफ 16 में अश्विन ने विजय हजारे, रोहित शर्मा, हरभजन सिंह और सुनील गावस्कर के मुकाबले क्रमशः सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, कपिल देव और वीरेंद्र सहवाग को चुना। दूसरे राउंड में उन्होंने अपने स्पिन साथी रवींद्र जडेजा को चुनने की इच्छा के बावजूद एमएस धोनी को चुना। इसके अलावा उन्होंने वीनू मांकड़, अनिल कुंबले और खुद के मुकाबले राहुल द्रविड़, जसप्रीत बुमराह और सौरव गांगुली को आगे बढ़ाया।
क्वार्टर फाइनल में दो बड़े उलटफेर
क्वार्टर फाइनल में अश्विन ने सौरव गांगुली के मुकाबले सचिन तेंदुलकर को और राहुल द्रविड़ के मुकाबले 1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव को चुना। हालांकि, बाकी दो मुकाबलों में उन्होंने दो बड़े चौंकाने वाले फैसले किए। अश्विन ने भारत को कई बड़ी ट्रॉफियां दिलाने वाले कप्तान एमएस धोनी के बजाय वीरेंद्र सहवाग को चुना। वहीं, विराट कोहली के मुकाबले जसप्रीत बुमराह को आगे बढ़ाया।
धोनी और विराट को बाहर करना रहा हैरान करने वाला
धोनी को बाहर करना इसलिए चौंकाने वाला रहा क्योंकि उन्होंने भारत के लिए 17,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाए हैं। कप्तान के तौर पर उन्होंने भारत को सभी आईसीसी खिताब दिलाए और टेस्ट रैंकिंग में भारत को नंबर-1 तक पहुंचाया। इसी तरह विराट कोहली को भी टीम में शामिल नहीं किया गया। विराट भारत के लिए 28,000 से अधिक रन बना चुके हैं और उनका शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। उनके नाम 85 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं और उन्होंने भारतीय टीम के साथ जीते गए पांच आईसीसी खिताबों में अहम भूमिका निभाई है।
फाइनल में सचिन और बुमराह आमने-सामने
सेमीफाइनल में अश्विन ने सहवाग के मुकाबले सचिन तेंदुलकर को चुना। दूसरे सेमीफाइनल में उन्होंने कपिल देव के बजाय जसप्रीत बुमराह को चुना। इस तरह फाइनल में सचिन तेंदुलकर और जसप्रीत बुमराह आमने-सामने आए, जिसमें अश्विन ने सचिन को विजेता चुना।
34,357 अंतरराष्ट्रीय रन, क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाज
सचिन तेंदुलकर के नाम 34,357 अंतरराष्ट्रीय रन हैं और वह क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं। अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए और ऐसे मील के पत्थर स्थापित किए, जिन्हें आज भी कोई नहीं तोड़ पाया है। तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैच खेले, जो इस प्रारूप में किसी भी खिलाड़ी द्वारा खेले गए सबसे ज्यादा टेस्ट हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 15,921 रन, 51 शतक और 2,058 चौके लगाए। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम सबसे ज्यादा चौके हैं।
टेस्ट में भी बनाए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
'मास्टर ब्लास्टर' ने 300 पारियों में 15,000 टेस्ट रन पूरे किए, जो इस उपलब्धि तक पहुंचने के मामले में सबसे तेज रिकॉर्ड है। उनके लंबे करियर और निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल किया।
वनडे में भी तेंदुलकर का दबदबा
तेंदुलकर का वनडे करियर 22 साल और 91 दिनों से अधिक लंबा रहा। वह वनडे इतिहास में सबसे लंबे करियर वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। 1998 में उन्होंने 1,894 वनडे रन और नौ शतक बनाए थे। एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा वनडे रन और शतक बनाने का यह रिकॉर्ड आज भी कायम है। तेंदुलकर ने सिर्फ 440 पारियों में 18,000 वनडे रन पूरे किए थे, जो इस उपलब्धि तक पहुंचने का सबसे तेज रिकॉर्ड है। उन्होंने वनडे करियर का अंत 18,426 रन और 49 शतकों के साथ किया।
कई रिकॉर्ड आज भी तेंदुलकर के नाम
तेंदुलकर के नाम प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कारों का रिकॉर्ड भी है। उन्होंने अपने करियर में 76 बार यह पुरस्कार जीता। इसके अलावा उनके नाम सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन (34,357), सबसे ज्यादा अर्धशतक (264), सबसे ज्यादा बार नर्वस नाइंटीज का शिकार होने का रिकॉर्ड (28) और सभी प्रारूपों में सबसे ज्यादा चौके (4,076) दर्ज हैं।
(एएनआई)
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