एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को चीन के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था।
नागोया (जापान)। नागोया में बुधवार को खेले गए एशियाई खेलों के पुरुष बैडमिंटन टीम के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को चीन के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद भारतीय टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा है। हालांकि, भारतीय पुरुष टीम के लिए यह एक सराहनीय परिणाम रहा क्योंकि उसने 40 साल में पहली बार लगातार दो एशियाई खेलों में टीम स्पर्धा का पदक जीता है। इससे पहले भारत ने 1982 और 1986 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था। भारत ने 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था, जहां फाइनल में उसे चीन के खिलाफ ही हार मिली थी।
लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी को मिली हार
मुकाबले के पहले एकल मैच में दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य सेन अपने से बेहतर रैंकिंग वाले दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी शी यू कि के खिलाफ 16-21, 18-21 से हार गए, जिससे भारत 0-1 से पिछड़ गया। इसके बाद भारत की उम्मीदें युवा आयुष शेट्टी पर टिकी थीं, लेकिन दुनिया के 20वें नंबर के खिलाड़ी को दूसरे एकल मैच में दुनिया के 12वें नंबर के ली शी फेंग के खिलाफ 19-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा जिससे भारत 1-2 से पीछे हो गया।
सात्विक-चिराग की जोड़ी ने दर्ज की एकमात्र जीत
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी इस मुकाबले में भारत की ओर से एकमात्र जीत दर्ज करने वाली जोड़ी रही। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग की जोड़ी को 21-11, 22-20 से हराया। इस जीत से भारत ने पांच मैच के इस मुकाबले को 1-1 से बराबर किया था। इसके बाद चौथे मुकाबले में हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की पुरुष युगल जोड़ी को हे जी टिंग और लियू यी की जोड़ी के खिलाफ 21-16, 17-21, 21-9 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे चीन ने मुकाबले में जीत दर्ज कर फाइनल में जगह पक्की की।
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