हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। 2016 में टी20 टीम की कमान संभालने वाली कौर ने अपने नेतृत्व में भारत को महिला क्रिकेट विश्व कप का पहला खिताब दिलाया।
नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट की कप्तान के रूप में हरमनप्रीत कौर का युग मंगलवार को समाप्त हो गया। 37 वर्षीय कौर ने तत्काल प्रभाव से कप्तानी से इस्तीफा देने का फैसला किया है, जिससे उनके नेतृत्व के उस सफर का अंत हो गया, जिसने उन्हें एक शक्तिशाली मध्य क्रम की बल्लेबाज से भारतीय क्रिकेट की सबसे सफल कप्तानों में से एक बना दिया। कौर ने पहली बार 2016 में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की कमान संभाली और दिग्गज कप्तान मिताली राज की संन्यास के बाद 2022 में टीम की पूर्णकालिक वनडे और टेस्ट कप्तान बनीं।
हरमनप्रीत कौर ने विश्व कप जीत के साथ बनाया खास कप्तानी रिकॉर्ड
चार साल बाद वह एक ऐसे ऐतिहासिक मुकाम के साथ इस भूमिका को छोड़ रही हैं, जिस पर कुछ ही भारतीय कप्तान दावा कर सकते हैं। उनका सबसे यादगार पल पिछले साल नवंबर में आया, जब उन्होंने घरेलू मैदान पर भारत को आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप का पहला खिताब दिलाया। इस जीत ने उन्हें कपिल देव और एमएस धोनी के साथ 50 ओवर का विश्व कप जीतने वाली तीसरी भारतीय कप्तान के रूप में स्थापित किया। कौर तब से एक और भी खास क्लब में शामिल हो गई हैं। वह रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव के साथ विश्व कप जीतने वाली केवल पांच भारतीय कप्तानों में से एक हैं, जिन्होंने क्रमशः 2024 और 2026 में भारत को टी20 विश्व कप में जीत दिलाई।
टी20 में हरमनप्रीत का लंबा कप्तानी सफर
कौर का प्रभाव शायद सबसे अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में देखने को मिला। उन्होंने 2018 और 2023 आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाया और 2020 में टीम को फाइनल तक ले गईं, जहां भारत उपविजेता रहा। टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान के रूप में उनका लंबा करियर भी उतना ही उल्लेखनीय है। कौर ने 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी की और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में, पुरुष या महिला, इस प्रारूप में 150 से अधिक मैचों में टीम की कप्तानी करने वाली पहली कप्तान बनीं। कप्तान के रूप में उनका अंतिम कार्यकाल एक और शानदार उपलब्धि के साथ समाप्त हुआ, जब भारत ने 2023 में जीत के बाद एशियाई खेलों में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीता।
हरमनप्रीत की कप्तानी में महिला क्रिकेट ने रचा नया इतिहास
हालांकि विश्व कप की जीत कौर की कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में हमेशा याद रखी जाएगी, लेकिन उनके नेतृत्व के सफर में कई अन्य महत्वपूर्ण पड़ाव भी शामिल हैं। उन्होंने रिकॉर्ड 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के अलावा पांच टेस्ट और 51 वनडे मैचों में भारत की कप्तानी की। बर्मिंघम में आयोजित 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में फाइनल में 65 रनों की यादगार पारी खेलकर भारत को रजत पदक दिलाया। हालांकि उनकी यह पारी व्यर्थ गई, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने स्वर्ण पदक जीता, लेकिन इसने उनकी कप्तानी की प्रतिस्पर्धी भावना को रेखांकित किया। सभी प्रारूपों में कौर के नेतृत्व ने भारतीय महिला क्रिकेट को महत्वाकांक्षाओं, वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान और ऐतिहासिक सफलताओं के दौर से गुजारने में मदद की।
हरमनप्रीत की कप्तानी का सफर ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा
वह कप्तान बनीं, जिन्होंने अंततः भारत को पहला महिला क्रिकेट विश्व कप खिताब दिलाया। वह दो बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली कप्तान बनीं। उन्होंने टी20 विश्व कप में कई बार भारत को शीर्ष मुकाम तक पहुंचाया और इस प्रारूप में कप्तानी में उपस्थिति का एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो शायद वर्षों तक कायम रहेगा। 2016 में भारत की टी20 टीम की कमान संभालने से लेकर लगभग एक दशक बाद घरेलू मैदान पर विश्व कप ट्रॉफी उठाने तक, हरमनप्रीत कौर की कप्तानी का सफर दृढ़ता, विकास और ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है।
(इनपुट: ANI)
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