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माणिक साहा ने जूडो चैंपियन अस्मिता को नवाजा

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने जूडो स्वर्ण पदक विजेता अस्मिता डे को किया सम्मानित, बोले- देश के लिए गर्व का क्षण

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बुधवार को जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे से मुलाकात की और कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें सम्मानित किया

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने जूडो स्वर्ण पदक विजेता अस्मिता डे को किया सम्मानित बोले- देश के लिए गर्व का क्षण

Manik Saha Honours Judo Champion Asmita |

नई दिल्ली: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बुधवार को जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे से मुलाकात की और कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें सम्मानित किया। राष्ट्रीय राजधानी स्थित त्रिपुरा भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्मिता डे को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके दृढ़ संकल्प, अनुशासन, मेहनत और समर्पण की सराहना की।

अस्मिता की उपलब्धि को बताया भारतीय खेलों का मील का पत्थर

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अस्मिता डे के शानदार प्रदर्शन ने त्रिपुरा और पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीय मंच पर अस्मिता डे की ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय खेलों के लिए एक मील का पत्थर है और त्रिपुरा के लिए अपार गर्व का विषय है। उनके समर्पण, दृढ़ संकल्प और खेल में उत्कृष्टता ने पूरे राज्य और देश को गौरवान्वित किया है।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि त्रिपुरा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने तक का अस्मिता का सफर देशभर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार युवाओं को प्रोत्साहित करने, खेल व्यवस्था को मजबूत करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

सरकार ने हर संभव सहयोग का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अस्मिता डे को उनके भविष्य के खेल प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भरोसा जताया कि अस्मिता आगे भी त्रिपुरा और भारत का नाम रोशन करती रहेंगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उन्हें विश्व मंच पर और अधिक उपलब्धियां हासिल करने के लिए हर संभव सहयोग और प्रोत्साहन देती रहेगी।

फाइनल में कनाडाई खिलाड़ी को हराकर जीता था स्वर्ण

अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स के रोमांचक फाइनल मुकाबले में कनाडा की हाइडी क्वाच को हराकर महिला -48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। यह मुकाबला गोल्डन स्कोर से तय हुआ, जिसमें अस्मिता ने जीत दर्ज कर भारत को जूडो में पहला स्वर्ण पदक दिलाने का इतिहास रचा। इसके बाद हर्ष सिंह (स्वर्ण पदक), यामिनी मौर्या (रजत पदक) और उन्नति शर्मा (कांस्य पदक) ने भी पदक जीतकर भारत के जूडो पदकों की संख्या चार तक पहुंचा दी।

(एएनआई)

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