भारत ने एशियाई खेलों में एथलेटिक्स अभियान की शानदार शुरुआत की। मिश्रित 4x400 मीटर रिले टीम ने रजत पदक जीता, जबकि सीमा ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया।
नागोया: भारत की मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने बृहस्पतिवार को यहां रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में लगातार तीसरी बार पदक हासिल किया, जबकि सीमा ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर देश के एथलेटिक्स अभियान की शानदार शुरुआत की। टीएस मनु, एमआर पूवम्मा, विशाल टीके और विथ्या रामराज की चौकड़ी ने तीन मिनट 14.46 सेकेंड का समय लेकर रजत पदक जीता। बहरीन ने तीन मिनट 12.87 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
यूएई के बाहर होने के बाद भारत का रजत पदक हुआ पक्का
हालांकि संयुक्त अरब अमीरात की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति के कारण रिले दौड़ का परिणाम कुछ समय तक अनौपचारिक रहा। बाद में यूएई का डिस्क्वालीफिकेशन तय होने के बाद परिणाम को आधिकारिक कर दिया गया। इससे पहले सुबह भारत ने हीट दो में दूसरे स्थान पर रहते हुए मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले के फाइनल में जगह बनाई थी। इस स्पर्धा को 2018 एशियाई खेलों में पहली बार शामिल किया गया था और भारत ने तब स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद पिछले एशियाई खेलों में भारतीय टीम ने रजत पदक हासिल किया था।
सीमा ने 10 हजार मीटर में जीता कांस्य
पूवम्मा ने बाद में कहा, हम स्वर्ण पदक की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन निश्चित रूप से हमें पता था कि बहरीन से कड़ी टक्कर मिलेगी। फिर भी हम सभी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, अब महिलाओं की 400 मीटर रिले में हम स्वर्ण जीतना चाहते हैं और पदक का रंग बदलना चाहते हैं। महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ में 25 वर्षीय सीमा ने एथलेटिक्स में भारत का पदक का खाता खोला। उन्होंने 32 मिनट 50.05 सेकेंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 32 मिनट 39.18 सेकेंड के साथ स्वर्ण जबकि जापान की नोजोमी तनाका ने 32 मिनट 41.54 सेकेंड के समय से रजत पदक जीता।
पीएम मोदी ने दी बधाई
हिमाचल प्रदेश की लंबी दूरी की धाविका सीमा को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, एशियाई खेलों में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर सीमा पर गर्व है! उन्हें बधाई। उन्होंने कहा, उनके दृढ़ प्रदर्शन ने कई वर्षों बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया है। यह शानदार उपलब्धि उनकी सहनशक्ति, अनुशासन और वर्षों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है। आने वाले समय में उन्हें ऐसी ही कई और सफलताएं मिलें। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की रहने वाली सीमा ने कहा कि रणनीतिक दौड़ उनके अनुकूल थी और उन्होंने अंत तक चुनौती पेश की।
'मां को अब तक नहीं बताया जापान में हूं'
उन्होंने कहा, यह रणनीतिक दौड़ थी। पहले दो लैप में मैं आगे थी, लेकिन कोई भी आगे रहकर दौड़ना नहीं चाहता था। यह मेरे अनुकूल था इसलिए मैंने खुद को अग्रणी धावकों के समूह में बनाए रखा। उन्होंने कहा, लेकिन जब करीब दो लैप बाकी रह गए थे तब तक पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का पता चल चुका था। मैंने अंत तक कड़ा संघर्ष किया। अपना पहला एशियाई खेल पदक जीतकर और एथलेटिक्स में भारत का पदक खाता खोलकर मैं बहुत खुश हूं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी मां को अभी तक यह नहीं बताया है कि वह एशियाई खेलों के लिए जापान में हैं। उन्होंने कहा, मैंने अपनी मां को यह भी नहीं बताया है कि मैं एशियाई खेलों के लिए जापान में हूं, लेकिन जब उन्हें पता चलेगा तो वह एक दिन तक सो नहीं पाएंगी।
मां की चिंता में सीमा ने छिपाई जापान यात्रा
उन्होंने कहा, मेरी मां काफी उम्रदराज हैं, उनकी उम्र करीब 70 साल है। मेरा जन्म काफी देर से हुआ था। जब भी मैं बाहर जाती हूं, वह बहुत चिंतित हो जाती हैं। यही वजह है कि मैं उन्हें नहीं बताती। मैं सिर्फ अपनी बहन को बताती हूं कि मैं कहीं गई हूं। महिलाओं की त्रिकूद में आशा इलांगो कांस्य पदक से चूक गईं और काउंटबैक के आधार पर चौथे स्थान पर रहीं। आशा और चीन की यी ली दोनों ने 13.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन भारतीय खिलाड़ी को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। चीन की खिलाड़ी का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रयास 13.79 मीटर रहा जबकि आशा का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रयास 13.65 मीटर था।
अनीमेष और गुरिंदरवीर 100 मीटर सेमीफाइनल में पहुंचे
इस बीच अनीमेष कुजूर ने पहले दौर की हीट (शुरुआती रेस) एक में 10.36 सेकेंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए 100 मीटर सेमीफाइनल में जगह बनाई। थाईलैंड के पुरीपोल बूनसन ने 9.95 सेकेंड के समय के साथ हीट एक जीती। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 9.94 सेकेंड है। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक गुरिंदरवीर सिंह ने भी हीट चार में दूसरा स्थान हासिल कर 100 मीटर सेमीफाइनल में जगह बनाई। उन्होंने 10.38 सेकेंड का समय निकाला। छह हीट में से प्रत्येक के शीर्ष तीन धावक और इसके बाद के छह सबसे तेज धावकों ने शुक्रवार को होने वाले सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
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