बांदा में 16 वर्षीय संध्या की मौत से परिवार में मातम पसरा है। परिजनों के मुताबिक, वह करीब एक साल से बीमारी से परेशान थी और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका बेहतर इलाज नहीं हो सका।
बांदा: मरका थाना क्षेत्र के मटेहना गांव में 16 वर्षीय किशोरी की मौत से परिवार में मातम पसरा है। करीब एक साल से बीमारी से जूझ रही संध्या ने कथित तौर पर फंदा लगाकर जान दे दी। आर्थिक तंगी के चलते उसका इलाज नहीं हो पा रहा था। बेटी की मौत की खबर सुनकर मां बदहवास हो गई और बार-बार यही कहकर बेहोश होती रही कि बीमारी से परेशान बेटी को वह बचा नहीं सकी।
झाड़-फूंक के बाद भी नहीं सुधरी संध्या की हालत
रामानुज यादव की बेटी संध्या काफी समय से बीमार थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजन उसका बेहतर इलाज नहीं करा पा रहे थे। बीमारी ठीक होने की उम्मीद में गांव और आसपास के इलाकों में झाड़-फूंक भी कराई गई, लेकिन संध्या की हालत और परेशानी कम नहीं हुई।
घर लौटे परिजनों ने किशोरी को फंदे पर लटका देखा
दोपहर करीब 12 बजे बड़ा भाई कालीचरण और मां रानिया देवी खेत से घर लौटे तो संध्या को फंदे पर लटका देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार मच गई और परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची। किशोरी को फंदे से नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी मौत की वजह
मां ने बताया बीमारी ने बेटी को तोड़ दिया था। परिजनों के मुताबिक, संध्या करीब एक साल से बीमारी से परेशान थी। आर्थिक तंगी के कारण उसका सही तरीके से इलाज नहीं हो सका। मां ने अपनी मजबूरी बताते हुए यह बात कही तो वह भावुक होकर बेहोश हो गईं। संध्या दो बहनों और तीन भाइयों में तीसरे नंबर की थी। उसकी मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष सूबेदार सिंह बिंद ने बताया कि प्रथम दृष्टया बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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