पटना जिले के बाढ़ में गुरुवार सुबह उमानाथ गंगा घाट से दियारा की ओर यात्रियों को ले जा रही एक नाव पलटने से 7 लोगों की डूबकर मौत हो गई है।
पटना (बिहार)। पटना जिले के बाढ़ में गुरुवार सुबह उमानाथ गंगा घाट से दियारा की ओर यात्रियों को ले जा रही एक नाव पलटने से 7 लोगों की डूबकर मौत हो गई है। नदी में गिरे 14 लोगों में से सात को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि सात अन्य डूब गए। अधिकारियों ने अब तक दो शव बरामद कर लिए हैं जबकि बाकी पांच लापता लोगों के लिए तलाशी अभियान जारी है।
मौके पर पहुंचे प्रशासन और अधिकारी
घटना के बाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कुंदन कुमार और ज़िलाधिकारी थियागराजन स्थिति का जायज़ा लेने के लिए बाढ़ पहुंचे और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। पत्रकारों से बात करते हुए पटना के ज़िलाधिकारी और कलेक्टर थियागराजन SM ने कहा, "हमें जानकारी मिली कि सुबह करीब 5.30-6 बजे एक नाव पलट गई। दो शव बरामद कर लिए गए हैं और पांच लोग लापता हैं। तलाशी अभियान जारी है।"
बिना रजिस्ट्रेशन नावों की जांच तेज
अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन इस इलाके में चल रही बिना रजिस्ट्रेशन वाली नावों के मुद्दे की भी समीक्षा कर रहा है और संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की
जाएगी। एक चश्मदीद के मुताबिक, नाव में ज़्यादातर महिलाएं थीं, जो सब्ज़ियां लेने के लिए नदी पार कर रही थीं, तभी सुबह करीब 5:00 बजे यह घटना हुई।
चश्मदीदों ने बताया हादसे का विवरण
चश्मदीद ने बताया कि नाव नदी के बीच में ही पलट गई, जिससे कई यात्री डूब गए। उसने कहा, "हम सुबह करीब 5:00 बजे निकले थे। 10 से 15 से ज़्यादा लोग सब्ज़ियां लेने जा रहे थे। नदी पार करते समय नाव ठीक हमारे सामने पलट गई। तीन से चार लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि छह से सात लोग डूब गए। अब तक सिर्फ़ एक व्यक्ति मिला है, बाकी अभी भी पानी में हैं।" चश्मदीद ने आगे बताया कि, "नाव में सवार लोगों में करीब पांच से छह महिलाएं थीं और कुछ को बेहोशी की हालत में बचाया गया। चार महिलाओं को बाहर निकाल लिया गया है। दो बेहोश हैं और दो बात करने की हालत में हैं। वे घर चली गई हैं।"
एक बेटी सुरक्षित लौटी, दूसरी की तलाश में बेबस पिता
घटना को याद करते हुए चश्मदीद ने बताया कि इस हादसे में उनकी एक बेटी अपनी जान बचाने में कामयाब रही जबकि दूसरी बेटी अभी भी लापता है। उसने कहा, "जैसे ही हम डूबने लगे, मेरी बेटी ने मुझे कसकर पकड़ लिया। उसे तैरना आता था, इसलिए वह मुझे अपने साथ खींचती रही और फिर किसी और ने उसे बचा लिया। उसकी जान तो बच गई, लेकिन मेरी दूसरी बेटी अभी भी लापता है।" बताया जा रहा है कि पीड़ित मलाही टोला इलाके के रहने वाले हैं और सब्ज़ियों के व्यापार के लिए नियमित रूप से नदी पार करते थे। गंगा नदी में बचाव दल लगातार अपना अभियान चला रहे हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है। (ANI)
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