बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज स्थित सोनबरसा गांव में बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से 9 वर्षीय हिमांशु कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
औरंगाबाद (बिहार)। रफीगंज के सोनबरसा गांव में बुधवार का दिन एक मां के लिए कयामत बनकर आया। खेलते-कूदते 9 साल के हिमांशु को क्या पता था कि गांव की गली में पीछे आ रहा बालू लदा ट्रैक्टर उसकी जिंदगी छीन लेगा। ट्रैक्टर का पहिया मासूम पर चढ़ गया और सब कुछ खत्म हो गया।
ट्रैक्टर के पहिए ने ली मासूम की जान
मृतक हिमांशु कुमार, पिता विनोद पासवान का सबसे छोटा बेटा था। पिता पेट पालने के लिए बाहर मजदूरी करते हैं और घर पर मां गुड़िया देवी दो बेटों को पाल रही थीं। बुधवार को गांव में बालू लदा ट्रैक्टर पीछे किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक्टर पर कानफाड़ू तेज आवाज में गाना बज रहा था। हिमांशु ट्रैक्टर के पीछे था, ग्रामीण चिल्लाते रहे - रोक दो, बच्चा है... लेकिन डीजे की तेज आवाज में चालक को कुछ सुनाई नहीं दिया और पिछला पहिया मासूम को कुचलता हुआ निकल गया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
खून से लथपथ हिमांशु को परिजन गोद में उठाकर रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भागे, लेकिन डॉक्टर डॉ संजय कुमार ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। बेटे की लाश देख मां गुड़िया बेसुध हो गई। गांव की हर आंख नम थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और चौबड़ा गांव के चालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। सूचना पर एसआई पप्पू कुमार दल-बल के साथ पहुंचे और चालक को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की खबर पर बीडीओ कुमार अश्विनी, सीओ सत्येंद्र कुमार और थानाध्यक्ष शंभू कुमार भी अस्पताल पहुंचे और बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बालू माफियाओं के बेलगाम ट्रैक्टरों और तेज साउंड सिस्टम पर रोक लगे, वरना एक और हिमांशु की जान जाएगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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