समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर सैफई पहुंचे अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर साधा तीखा निशाना; 2027 चुनाव को बताया लोकतंत्र बचाने की लड़ाई।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के संस्थापक, पूर्व रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर सैफई पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र व राज्य सरकार और भारतीय चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध के बीच अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं के पीछे छिपकर वोट चोरी की साजिश रच रही है।
मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर देश और उत्तर प्रदेश भर में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि का मुख्य कार्यक्रम इटावा के सैफई स्थित उनके समाधि स्थल पर आयोजित हुआ, जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव, डिंपल यादव, शिवपाल यादव समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें नमन किया। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी का जीवन और उनके विचार समाजवादियों के लिए सबसे बड़ी धरोहर हैं, लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में लोकतंत्र और संविधान को बचाने का संघर्ष जारी रखना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
नेताजी का विचार 'पीडीए' का प्रकाशस्तंभ
सैफई में जनसमूह और मीडिया को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "मुलायम सिंह यादव का मानना था कि मदद ही मानवता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने सिखाया कि जो सबसे कमजोर हो, उसका हाथ थामो। कागज पर लिखी समानता से बदलाव नहीं आता, जब तक मन का भेदभाव न मिटे।" अखिलेश ने स्पष्ट किया कि आज सपा जिस 'पीडीए' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के लिए 'प्रेम, दया और अपनापन' को आधार बना रही है, उसकी नींव नेताजी ने ही रखी थी और वे सदैव इसके प्रकाशस्तंभ रहेंगे।
चुनाव आयोग के पीछे छिपी है कमजोर भाजपा
चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए सपा प्रमुख ने तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा, "भाजपा चुनाव आयुक्त के पीछे खड़ी होकर वोट चोरी की साजिश और षड्यंत्र कर रही है। कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त पर जब भी सवाल उठते हैं तो भाजपा सामने आकर बचाव क्यों करने लगती है? इसका सीधा मतलब है कि 'चोर की दाढ़ी में तिनका' है। भाजपा चाहती है कि जो उसका सदस्य है, वही भारत का नागरिक माना जाए।" उन्होंने दावा किया कि देश के युवा और सभी राजनीतिक दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और निष्पक्ष चुनाव आयोग की मांग पर एकजुट हैं।
उपचुनाव में धांधली और 'फॉर्म-7' के दुरुपयोग का आरोप
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में हुए बीते उपचुनावों का जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति जी से सभी विपक्षी दलों ने मुलाकात कर बेईमानी के सबूत सौंपे हैं। यूपी उपचुनावों में पुलिस को सादे कपड़ों में वोट डलवाए गए। फॉर्म-7 के जरिए फर्जी दस्तखत कराकर सपा समर्थकों के नाम मतदाता सूची से काटे गए।" उन्होंने सरोजनीनगर विधानसभा में 'दशरथ' नाम से 100 से ज्यादा फॉर्म-7 भरे जाने और बिधूना में सपा नगर अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर से वोट काटे जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि सबूत देने के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
2027 का चुनाव लोकतंत्र और संविधान बचाने की परीक्षा
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को आगाह करते हुए कहा कि आने वाले 50 दिनों के भीतर कई राज्यों में चुनावों की तारीखें आ जाएंगी, लेकिन उत्तर प्रदेश का आगामी चुनाव सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "2027 में उत्तर प्रदेश की जनता, किसान, नौजवान, छात्र और व्यापारी मिलकर लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण को बचाएंगे। भाजपा की इस बेईमानी के खिलाफ जनता सड़कों पर है और समाजवादियों की अगुआई में भाजपा को लोकतांत्रिक तरीके से शिकस्त दी जाएगी।"
अयोध्या में चंदा चोरी पर अखिलेश का हमला, PDA प्रहरी का जिक्र
अखिलेश यादव ने अयोध्या में चंदा चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरों को हराने के लिए हमारा एक युवा ‘पीडीए प्रहरी’ ही काफी है। चोरों को क्लीन चिट देने वाले हिस्सेदार होते हैं। दूध का दूध, पानी का पानी तो हुआ नहीं, इस बार जनता घमंड का सारा पानी उतार देगी। लोकसभा भूल गये क्या? और बाकी कसर अयोध्या की वो माताएं पूरा कर देंगी जिन्होंने सरेआम दुखी माँ का अपमान करते हुए अहंकारियों को देखा है। उन्होंने कहा कि अपने इंटर्नल सर्वे में आपको ये बात पता चली कि नही कि अयोध्या में आपकी तरफ से कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता है। पावन स्थलों पर वनस्पतिजीवियों का कोई काम नहीं।
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