अयोध्या के दीपोत्सव में शामिल हुए इंग्लैंड और यूक्रेन के विदेशी पर्यटक। सरयू घाटों पर 30 लाख दीयों की जगमग और भव्य सांस्कृतिक आयोजनों को देख सैलानी हुए अचंभित।
अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। पवित्र नगरी अयोध्या इन दिनों दीपोत्सव के रंग में पूरी तरह सराबोर है। इस अलौकिक उत्सव के बीच दुनिया के कोने-कोने से पहुंचे विदेशी सैलानी मशहूर राम की पैड़ी पर एकत्र हुए, जहां उन्होंने भव्य रोशनी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय लोगों के आत्मीय स्वागत की खुले दिल से प्रशंसा की।
इंग्लैंड और यूक्रेन से पहुंचे सैलानी
इंग्लैंड और यूक्रेन समेत दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटकों ने जगमगाते घाटों और उत्सव के अद्भुत नजारों को अपनी आंखों से देखकर गहरी खुशी जताई। मंदिर नगरी में पहली बार पहुंचे इंग्लैंड के एक सैलानी ने यहां की दृश्य भव्यता और स्थानीय नागरिकों के स्वागत-सत्कार की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
यह शो बेहद खूबसूरत था और रोशनी, उत्सव तथा इतने सारे लोगों को जश्न मनाते हुए देखना एक अद्भुत अनुभव रहा। हम पहली बार अयोध्या आए हैं और यहां के हर शख्स ने हमारा बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया है, यह बात इंग्लैंड से आए पर्यटक ने एनआई से बातचीत में कही।
यूक्रेन की पर्यटक सिमोना का अनुभव
इसी तरह की खुशी जाहिर करते हुए यूक्रेन से आईं पर्यटक सिमोना ने बताया कि वह अपनी बहन के बुलावे पर यहां पहुंची हैं और यहां का हर एक नजारा उन्हें हैरान कर रहा है।
मेरी बहन ने मुझे यहां आने का न्योता दिया था और मुझे यहां की हर चीज बेहद पसंद आ रही है। सब कुछ इतना सुंदर और भव्य लग रहा है कि मैं अचंभित हूं, सिमोना ने अपनी प्रतिक्रिया में यह बात साझा की।
सरयू के 56 घाटों पर तीस लाख दीये
उत्सव के इस महाआयोजन के तहत सरयू नदी के तट पर स्थित 56 घाटों को रोशन करने के लिए तीस लाख से अधिक मिट्टी के दीये सजाए गए। यह आयोजन भक्ति, प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का एक ऐसा अनुपम संगम था, जिसने श्री अयोध्या धाम की चिरंतन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भव्यता को पूरी दुनिया के सामने जीवंत कर दिया।
ऐतिहासिक प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्य मंच के मुख्य कार्यक्रम से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशेष रूप से तैयार की गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में अयोध्या के पांच सौ वर्षों के गौरवशाली इतिहास, राम जन्मभूमि आंदोलन के संघर्ष और आधुनिक बुनियादी ढांचे में हुए अभूतपूर्व बदलावों को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया था।
सुरक्षा के पुख्ता और कड़े इंतजाम
दीपोत्सव के इस विशाल आयोजन में हजारों की संख्या में पहुंचे स्वयंसेवकों ने सरयू के घाटों को तीस लाख दीयों से संवारा। वहीं, देश-विदेश से उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुचारू रूप से संभालने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ढाई हजार से अधिक पुलिस कर्मियों के साथ-साथ विशेष सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था।
(इनपुट: ANI)
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