आजमगढ़ के मुबारकपुर क्षेत्र में पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर विभिन्न प्रतिष्ठानों से 5 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया।
Azamgarh: Joint Team Finds Five Child Labourers During Anti-Child Labour Drive |
आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश)। जिले में बाल श्रम पर रोक लगाने के लिए आजमगढ़ पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने मुबारकपुर थाना क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट में 5 बाल श्रमिक काम करते हुए पाए गए।
श्रम विभाग की ओर से नियमानुसार नोटिस जारी
थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने 29 अगस्त को कस्बे और बाजार क्षेत्र में स्थित विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की जांच की। बाल श्रमिक मिलने के बाद उनके परिजनों को मौके पर बुलाया गया और सेवायोजकों तथा परिजनों को बच्चों से बाल श्रम नहीं कराने की कड़ी हिदायत दी गई। वहीं, संबंधित प्रतिष्ठानों के सेवायोजकों के खिलाफ श्रम विभाग की ओर से नियमानुसार नोटिस जारी किया गया है।
बाल संरक्षण से जुड़े हेल्पलाइन नंबर जारी
अभियान के दौरान दुकानदारों और आमजन को बाल श्रम के दुष्परिणामों तथा इसके खिलाफ बनाए गए कानूनों के बारे में जागरूक किया गया। टीम ने मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंट, ढाबों, बेकरी, ऑटोमोबाइल दुकानों और गैराज आदि स्थानों पर बाल श्रम निषेध से संबंधित पोस्टर भी लगाए। इसके साथ ही संयुक्त टीम ने लोगों को आपातकालीन सहायता और बाल संरक्षण से जुड़े हेल्पलाइन नंबर 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076 और 181 के बारे में भी जानकारी दी।
अभियान का पर्यवेक्षण एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग द्वारा किया गया
यह कार्रवाई निदेशक, मुख्यालय महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के कुशल निर्देशन में की गई। अभियान का पर्यवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग द्वारा किया गया। संयुक्त टीम में थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के उपनिरीक्षक उमेश कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी नजरे आलम, श्रम प्रवर्तन अधिकारी रोहित प्रताप और हेड कांस्टेबल रामजनम यादव शामिल रहे।
यह भी पढ़ें: चंदौली में तेज रफ्तार फोर व्हीलर और बाइक की जोरदार टक्कर, बाइक चालक घायल