झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल के अधीक्षक पर महिला कैदियों के साथ मारपीट करने और सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया है।
रांची (झारखंड)। झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल के अधीक्षक पर महिला कैदियों के साथ मारपीट करने और सबूत नष्ट करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। यह मामला जेल में गर्भवती पाई गई एक महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण से जुड़ा है। मरांडी ने एक पोस्ट में इस घटना को शर्मनाक बताया और आरोप लगाया कि न्यायिक हिरासत के दौरान जेल अधीक्षक द्वारा पीड़िता का बार-बार शारीरिक शोषण किया गया।
इलाज के बहाने सबूत नष्ट करने की साजिश का दावा
भाजपा नेता ने विश्वसनीय जानकारी का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पीड़िता को इलाज के बहाने गुप्त स्थानों और चिकित्सा सुविधाओं में ले जाकर जैविक और फोरेंसिक सबूतों को नष्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जेल महानिरीक्षक (आईजी) पर आरोपियों को बचाने और मामले में सबूतों से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया।
मरांडी बोले- जेल प्रशासन ने मानवता को किया शर्मसार
उन्होंने लिखा, "जेल की सलाखों के पीछे जो कुछ हुआ है, उसने पूरे झारखंड राज्य को शर्मसार कर दिया है। रांची की होतवार जेल में न्यायिक हिरासत में बंद एक महिला कैदी के साथ जेल अधीक्षक द्वारा बार-बार शारीरिक शोषण किया जाना और उसका गर्भवती हो जाना अत्यंत गंभीर, शर्मनाक और मानवता पर एक घिनौना हमला है। विश्वसनीय जानकारी सामने आई है कि पीड़ित महिला कैदी को इलाज और बीमारी के बहाने गुप्त स्थानों और चिकित्सा सुविधाओं में ले जाकर जैविक साक्ष्य और फोरेंसिक सबूतों को नष्ट करने की साजिश रची जा रही है। जेल आईजी स्वयं इस मामले को दबाने, फाइलों को गायब करने और दोषी जेल अधीक्षक को संरक्षण प्रदान करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अवैध गतिविधियों, अधिकारियों की आवाजाही और घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शी - उपस्थित कर्मचारी - को भी चुप कराने के प्रयास में व्यवस्थित रूप से इधर-उधर तबादलों का सामना करना पड़ रहा है।"
मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग, आयोगों से हस्तक्षेप की अपील
इस मामले पर चिंता जताते हुए विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले का संज्ञान लेने और जेल आईजी को पद से बर्खास्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस मामले पर सरकार की चुप्पी महिलाओं के खिलाफ शोषण के ऐसे कृत्यों में उनकी मिलीभगत को दर्शाएगी। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय से भी इस मामले पर कार्रवाई करने का आह्वान किया।
भाजपा प्रवक्ता ने भी लगाए गर्भपात कराने के आरोप
वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि जेल आईजी समेत वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को दबाने में शामिल थे और कहा कि बाद की रिपोर्ट में गर्भावस्था का परिणाम नेगेटिव इसलिए आया क्योंकि मामले को निपटाने के लिए संभवतः गर्भपात कराया गया था।
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