इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद बलिया के अत्याधुनिक बस अड्डा परियोजना की सबसे बड़ी कानूनी बाधा दूर हो गई है। अब निर्माण कार्य तेज होने की उम्मीद है।
बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की बहुप्रतीक्षित अत्याधुनिक बस अड्डा परियोजना के निर्माण में आ रही सबसे बड़ी कानूनी बाधा अब समाप्त हो गई है। न्यायालय के आवासीय परिसर से जुड़े मार्ग को परिवहन निगम के हस्तांतरण का मामला उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्णय के बाद सुलझ गया है। इसके साथ ही लंबे समय से प्रभावित निर्माण कार्य के अब तेजी से आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
परिवहन सुविधाओं के लिहाज से जनपद की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना
मंत्री दयाशंकर सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि निर्माणाधीन एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किए जा रहे इस आधुनिक बस अड्डे को परिवहन सुविधाओं के लिहाज से जनपद की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में माना जा रहा है। कानूनी अड़चन दूर होने के बाद निर्माण एजेंसी को अब बिना किसी व्यवधान के कार्य पूरा करने का अवसर मिलेगा, जिससे परियोजना के समयबद्ध ढंग से पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
केंद्र और राज्य सरकार लगातार कर रही कार्य
यहां यात्रियों के लिए अत्याधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर यात्री सुविधाएं, सुव्यवस्थित पार्किंग, डिजिटल सूचना प्रणाली और सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि शहर के विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। प्रदेश में परिवहन अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।
बलिया के समग्र विकास को मिलेगी नई दिशा
यह अत्याधुनिक बस अड्डा पूर्वांचल की महत्वपूर्ण परिवहन परियोजनाओं में शामिल होगा। परियोजना के पूरा होने से जिले की पहचान को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही यात्रियों को महानगरों की तर्ज पर आधुनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी और बलिया के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।
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