बांदा में चंद्रावल नदी में डूबे पांच वर्षीय प्रियांशु का शव 26 घंटे बाद घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर मछली पकड़ने के जाल में मिला।
बांदा (उत्तर प्रदेश)। बांदा जिले के पड़ोहरा गांव निवासी संतोष पाल का पांच वर्षीय बेटा प्रियांशु पाल बुधवार सुबह करीब आठ बजे अपनी मां शशि पाल के साथ बुखार की दवा कराने नांदादेव गांव जा रहा था। पड़ोहरा रपटा पार करते समय अचानक वह चंद्रावल नदी में गिर गया। बेटे को नदी में गिरता देख मां ने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नदी में उतरकर बालक की तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
एनडीआरएफ और गोताखोरों ने चलाया तलाश अभियान
घटना की सूचना पर तहसील प्रशासन के साथ जसपुरा और पैलानी पुलिस मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों ने भी नदी में व्यापक तलाश अभियान चलाया। बुधवार को देर तक खोजबीन के बावजूद मासूम का पता नहीं चल सका। गुरुवार सुबह एक बार फिर एनडीआरएफ टीम, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने तलाश शुरू की।
तीन किलोमीटर दूर जाल में फंसा मिला शव
गुरुवार सुबह करीब 10 बजे पैलानी थाना क्षेत्र में पीर बाबा मंदिर के पास मछली पकड़ रहे लोगों को अपने जाल में बालक का शव फंसा दिखाई दिया। घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मातम
प्रियांशु अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी दो बहनें हैं। पिता संतोष पाल अहमदाबाद में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद वह अहमदाबाद से घर के लिए रवाना हुए। बेटे का शव मिलने की खबर से परिवार में चीख-पुकार मच गई और मां शशि पाल, दादी दुर्गी, बाबा सुखदेव पाल समेत अन्य परिजन बिलखते रहे।
पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा शव
मासूम की मौत से पड़ोहरा गांव में भी मातम का माहौल है। जसपुरा थाना प्रभारी ऋषि देव ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया।
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