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नंदवारा में दो मासूमों की मौत

बांदा में दो मासूमों की हत्या के आरोपी की मां की मौत से सियासी टकराव, गंभीर आरोपों से गरमाया मामला

बांदा के नंदवारा में दो मासूम भाइयों की हत्या के आरोपी की मां की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद और आरोप-प्रत्यारोप से मामला सियासी टकराव में बदल गया।

बांदा में दो मासूमों की हत्या के आरोपी की मां की मौत से सियासी टकराव गंभीर आरोपों से गरमाया मामला

Banda Case Takes Political Turn After Accused's Mother Dies |

बांदा (उत्तर प्रदेश)। नरैनी के नंदवारा गांव में दो मासूम भाइयों की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि आरोपी महेंद्र पाल वर्मा की मां कुसुमा देवी की मौत ने पूरे मामले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। शव के अंतिम संस्कार को लेकर परिजनों के विरोध और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब नंदवारा में सियासी टकराव भी खुलकर सामने आ गया है।कुसुमा देवी करीब 75 वर्ष की थीं और पूर्व मंत्री स्वर्गीय डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा की पत्नी तथा पूर्व जिला पंचायत सदस्य रह चुकी थीं।वहीं महेंद्र पाल वर्मा भी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहे हैं और वर्तमान में दो मासूमों की हत्या के मामले में नामजद हैं।

पांच बार विधायक और दो बार मंत्री रहे सुरेंद्र पाल वर्मा का परिवार

नंदवारा का यह परिवार बांदा की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रखता रहा है।उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक स्वर्गीय डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा नरैनी विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक और दो बार उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे थे। उनकी पत्नी कुसुमा देवी भी जिला पंचायत की राजनीति में सक्रिय रही थीं।अब इसी राजनीतिक परिवार के बेटे महेंद्र पाल वर्मा दो मासूमों की हत्या के मामले में नामजद हैं और उनकी मां की मौत के बाद लगाए गए आरोपों ने मामले को और पेचीदा कर दिया है।

महेंद्र पाल का सपा सांसद और भाई पर गंभीर आरोप

मां की मौत के बाद महेंद्र पाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जौनपुर के सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा और उनके भाई शिवशरण कुशवाहा पर गंभीर आरोप लगाए।महेंद्र पाल का आरोप है कि उनके परिवार को राजनीतिक साजिश के तहत दोहरे हत्याकांड में फंसाया गया और उनकी मां को धमकाया गया।बाद में उन्होंने अपनी मां के साथ घर में मारपीट और अभद्रता किए जाने तथा इसी घटनाक्रम के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने का आरोप भी लगाया।इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुराने राजनीतिक रिश्ते से वर्तमान टकराव तक

महेंद्र पाल वर्मा का राजनीतिक सफर भी इस पूरे घटनाक्रम को अलग संदर्भ देता है।उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने मध्य प्रदेश के पन्ना से 2018 में बाबू सिंह कुशवाहा की पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ा था। 

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