कोलकाता। अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए “शपथ पत्र” जारी कर इसे भरोसे का दस्तावेज बताया और भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने का दावा किया।
कोलकाता। अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए “शपथ पत्र” जारी कर इसे भरोसे का दस्तावेज बताया और भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने ऐलान किया कि महिलाओं और बेरोजगार युवकों को हर महीने तीन हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
महिलाओं और कमजोर वर्ग पर फोकस
उन्होंने कहा कि विधवाओं, वृद्धों और वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली राशि दोगुनी की जाएगी, जबकि 75 लाख महिलाओं को “लखपति” बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत
सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों के साथ पेंशनधारियों को बकाया डीए का तुरंत भुगतान करने और 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग लागू करने का वादा किया गया है।
रोजगार और नियुक्तियों का वादा
शाह ने कहा कि सभी खाली सरकारी पदों को भरा जाएगा और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा।
भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था पर सख्ती
उन्होंने 15 वर्षों में हुए भ्रष्टाचार, राजनीतिक हत्याओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तीन अलग-अलग श्वेत पत्र जारी करने की घोषणा की।
इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा में बड़े प्रोजेक्ट
उत्तर बंगाल में एम्स और आईआईटी स्थापित करने के साथ-साथ बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही गई।
केंद्र की योजनाओं को लागू करने का वादा
ममता बनर्जी सरकार द्वारा रोकी गई केंद्र की योजनाओं, जैसे आयुष्मान योजना, को लागू करने का भी आश्वासन दिया गया।
टीएमसी के इश्तहार से बेहतर होने का दावा
भाजपा ने दावा किया कि उसका “शपथ पत्र”, तृणमूल कांग्रेस के “इश्तहार” से कहीं अधिक प्रभावी और व्यापक है।
भयमुक्त और विकसित राज्य का विजन
अमित शाह ने उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, परिवहन और पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक विकास का वादा करते हुए कहा कि राज्य को भयमुक्त, सुरक्षित और रोजगारयुक्त बनाया जाएगा और रवींद्रनाथ ठाकुर के “सोनार बांग्ला” का निर्माण किया जाएगा।
घुसपैठ और कानून व्यवस्था पर सख्त रुख
शपथ पत्र में स्पष्ट किया गया है कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाएगा और मवेशी तस्करी को पूरी तरह रोका जाएगा। साथ ही छह महीने के भीतर यूसीसी लागू करने का वादा किया गया है।
स्वरोजगार और उद्योग को बढ़ावा
एक करोड़ स्वरोजगार के अवसर पैदा करने, सिंगूर में उद्योग स्थापित करने और जूट व चाय उद्योग के विकास पर जोर दिया गया है।
किसानों और आदिवासियों के लिए योजनाएं
धान, आलू और आम के किसानों के लिए नई सुविधाएं लागू करने और आदिवासियों की जमीन व रोजगार सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
संस्कृति और क्षेत्रीय विकास पर जोर
उत्तर बंगाल के विकास के साथ राजवंशी और कुरमाटी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने और कोलकाता के कायाकल्प की भी घोषणा की गई है।
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