पाकिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को इस माह के अंत तक 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज वापस करने का फैसला किया है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को इस माह के अंत तक 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज वापस करने का फैसला किया है। अंग्रेजी दैनिक 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। अधिकारी ने बताया कि देश के मुद्रा भंडार पर इसके प्रभाव की आशंका के बावजूद 'राष्ट्र की मर्यादा' के लिए यह फैसला किया गया है। यह रकम यथा संभव जल्द लौटाई जाएगी। अधिकारी ने कहा कि वित्तीय मुद्दे पर 'राष्ट्रीय मर्यादा' के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।
यूएई ने तत्काल भुगतान की रखी मांग
प्राप्त समाचारों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात ने यह रकम जल्द लौटाने को कहा है। यूएई ने पाकिस्तान को यह फंड 'भुगतान संतुलन' को स्थिर रखने में मदद करने के लिए मुहैया कराया था। हाल तक इस कर्ज को यूएई द्वारा 'रोल ओवर' किया जा रहा था। यानी यूएई कर्ज चुकाने की अवधि को बार-बार आगे बढ़ा दे रहा था।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बढ़ा दबाव
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद मिडिल ईस्ट में पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर यूएई ने इस फंड की तत्काल वापसी की मांग की है। अब पाकिस्तान ने इसी महीने संयुक्त अरब अमीरात को उसका 3.5 अरब डॉलर का पूरा कर्ज लौटाने का फैसला किया है। एक अन्य समाचार के अनुसार, 'जियो न्यूज' ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह भारी-भरकम राशि स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के पास एक 'सेफ डिपॉजिट' के रूप में रखी गई थी। पाकिस्तान इस महीने के अंत तक अबू धाबी को यह 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि लौटा देगा।
रोलओवर बंद, अब लौटानी होगी पूरी रकम
अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान इस रकम पर लगभग 6 प्रतिशत का ब्याज चुकाता आ रहा है। पहले, यूएई इस जमा राशि को सालाना आधार पर रोल ओवर कर देता था। हालांकि, दिसंबर 2025 में इस राशि को पहले एक महीने के लिए और फिर दो महीने के लिए बढ़ाकर 17 अप्रैल तक किया गया था। चालू वित्त वर्ष के लिए, पाकिस्तान को बाहरी जमा (एक्सटर्नल डिपॉजिट) के रूप में लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर के रोलओवर की आवश्यकता थी। इसमें सऊदी अरब से 5 अरब डॉलर, चीन से 4 अरब डॉलर और यूएई द्वारा रखे गए 3.5 अरब डॉलर शामिल थे।
वर्तमान वित्तीय स्थिति
मौजूदा समय में पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार (रिजर्व) में 21 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि है। इस कारण वह फिलहाल यूएई को यह कर्ज चुकाने में सक्षम है लेकिन आने वाले महीनों में देश को बाहरी वित्तीय मदद की आवश्यकता पड़ सकती है।
चीन का सख्त रुख, ऊर्जा सेक्टर पर खतरा
पाकिस्तान की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने यूनाइटेड एनर्जी पाकिस्तान को बकाया 220 मिलियन डॉलर (करीब ₹2000 करोड़) के भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। यह बकाया रकम बिजली और गैस बिलों से जुड़ी बताई जा रही है। चीन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो इस प्रोजेक्ट से जुड़े काम रोक दिए जाएंगे। चीनी अधिकारियों का कहना है कि भुगतान में देरी से न सिर्फ निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र के संचालन पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
आईएमएफ राहत के बीच सहयोगियों का घटता भरोसा
इसी बीच, पाकिस्तान को 7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज के तहत इसी महीने 1.2 अरब डॉलर की तीसरी किस्त मिलने वाली है। ऐसे समय में यूएई और चीन की ओर से बढ़ता दबाव यह संकेत देता है कि पाकिस्तान के पारंपरिक सहयोगियों का भरोसा डगमगाने लगा है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं, जहां ये देश अपने बकाया की वसूली को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके पीछे यूएई की अपनी आर्थिक जरूरतें, खासकर ईरान हमले से जुड़े नुकसान, एक वजह हो सकती हैं। वहीं, पाकिस्तान के अमेरिका के करीब बढ़ते रिश्ते भी चीन की नाराजगी का कारण हो सकते हैं, जिसके चलते इस तरह का दबाव स्वाभाविक माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/sports/pbks-make-it-two-in-a-row-as-shreyas-iyer-silences-chennai/154369
पंजाब किंग्स की 'बैक-टू-बैक' जीत, श्रेयस अय्यर के अर्धशतक से चेन्नई पस्त