दिल्ली में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर मार्च कर सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर विरोध जताया।
नई दिल्ली: शनिवार को दिल्ली पुलिस ने भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर शकूरपुर पुलिस स्टेशन ले गई। ये कार्यकर्ता लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन से कांग्रेस मुख्यालय की ओर मार्च कर रही थीं और महिला छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों के मद्देनजर कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को निष्कासित करने और गिरफ्तार करने की मांग कर रही थीं। इस प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव और राज्यसभा सांसद संगीता यादव और दिल्ली भाजपा महासचिव योगिता सिंह ने किया। प्रदेश उपाध्यक्ष सारिका जैन, महिला मोर्चा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता और प्रभारी आरती मेहरा सहित अन्य नेता भी इसमें शामिल हुईं।
महिला मोर्चा का कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन के पास बड़ी संख्या में महिला मोर्चा कार्यकर्ता जमा हुईं और दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित कांग्रेस मुख्यालय की ओर मार्च करने से पहले नारे लगाए। कुछ ही दूर चलने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगीता यादव ने अकोइजम को तत्काल निष्कासित करने और गिरफ्तार करने की मांग की और आरोप लगाया कि कांग्रेस महिला छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी नेता को संरक्षण दे रही है। बहनो, आज हम यहां एक बेटी की गरिमा की रक्षा के लिए खड़े हैं। जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में प्रोफेसर होने का दिखावा करके छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा तभी सार्थक होगा जब दोषियों को सजा मिलेगी"।
महिला मोर्चा ने कांग्रेस से मांगा जवाब
उन्होंने आगे कहा, योगिता सिंह ने कांग्रेस पर अपने सांसद के खिलाफ लगे आरोपों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और पार्टी से जवाब मांगा। एक मौजूदा सांसद पर जेएनयू में छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है और कांग्रेस उन्हें बचा रही है। पार्टी को शर्म आनी चाहिए। हम न्याय की मांग करते हैं, समझौता नहीं। योगिता सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि महिला मोर्चा अपना विरोध जारी रखेगा। अर्चना गुप्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिला सशक्तिकरण पर दोहरा मापदंड अपना रही है और सांसद को पार्टी से निष्कासित करने और गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदेश उपाध्यक्ष सारिका जैन ने कहा कि प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की अपनी मांग वापस नहीं लेंगे।
जेएनयू ने यौन उत्पीड़न मामले में प्रोफेसर को किया बर्खास्त
उन्होंने कहा, हम गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे। अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सांसद को कांग्रेस से निष्कासित करने की अपनी मांग दोहराई और उनके खिलाफ लगे आरोपों पर कार्रवाई की मांग की। इस बीच जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विश्वविद्यालय द्वारा 9 अक्टूबर को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार।
(इनपुट: ANI)
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