प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम

ओवैसी के बयान पर ब्रज के संतों का विरोध

ओवैसी के 'वंदे मातरम' वाले बयान पर ब्रज के संतों का विरोध, सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग

सोशल मीडिया पर वायरल असदुद्दीन ओवैसी के 'वंदे मातरम' संबंधी बयान को लेकर ब्रज के साधु-संतों ने कड़ी आपत्ति जताई। संत समाज ने राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सख्त कानून बनाने की मांग की।

ओवैसी के वंदे मातरम वाले बयान पर ब्रज के संतों का विरोध सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग

Brij Saints Protest On Owaisi Vande Mataram Statement |

मथुरा: सोशल मीडिया पर वायरल हुए एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान को लेकर बृजभूमि के साधु-संतों में भारी नाराजगी है। ओवैसी के कथित बयान "हम वंदे मातरम नहीं बोल सकते, हम अल्लाह के अलावा किसी के सामने नहीं झुक सकते, हम अल्लाह के अलावा किसी की इबादत नहीं कर सकते" के बाद संत समाज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

सरकारी सुविधाओं से वंचित करने की कही बात

कृष्ण जन्मभूमि-मस्जिद मामले में याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जो व्यक्ति "वंदे मातरम" नहीं बोल सकता उसे सरकारी राशन, सरकारी मकान और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाए। उन्होंने कहा, लाखों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' बोलकर देश को आजाद कराया। आज उसी राष्ट्रीय गीत को गाने में कुछ लोगों को शर्म आती है। ऐसे लोग हिंदुस्तान में रहने के लायक नहीं हैं। राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

बृज के संत महेंद्र रामदास महाराज ने बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया

बृज के संत महेंद्र रामदास महाराज ने भी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, जिन लोगों को 'वंदे मातरम' बोलने में दिक्कत है, 'भारत माता की जय' बोलने में दिक्कत है, उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। यह देश शहीदों की कुर्बानी से बना है। इसका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संतों का कहना है कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि देशभक्ति और एकता का प्रतीक है। इसे धर्म से जोड़कर देखना गलत है।

औवेसे ने बताया 'वंदे मातरम' ना गाने का कारण
 
ओवैसी का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे धार्मिक आस्था का मामला बता रहा है तो दूसरा पक्ष इसे राष्ट्रभक्ति से जोड़कर देख रहा है। मथुरा-वृंदावन के कई मंदिरों में संतों ने बैठक कर सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।
वायरल वीडियो में ओवैसी को यह कहते सुना जा सकता है कि वे अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण वंदे मातरम नहीं गा सकते, क्योंकि उनकी इबादत सिर्फ अल्लाह के लिए है। उन्होंने पहले भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि जबरदस्ती किसी से कुछ बुलवाना संविधान के खिलाफ है।

बता दें, फिलहाल इस बयान के बाद मथुरा सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में माहौल गर्म है। साधु-संतों ने सरकार से अपील की है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर सख्त कानून बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी बयानबाजी न हो।
 

ये भी पढ़ें- वाराणसी में राहुल गांधी और पप्पू यादव का पुतला फूंका, संसद प्रदर्शन पर हिंदू संगठनों का विरोध
 

Related to this topic: