MP News : गंभीर आपराधिक मामलों में विशेषकर जघन्य हत्या जैसी घटनाओं में कानून की प्रक्रिया चरणबद्ध और सख्त होती है...
MP News : गंभीर आपराधिक मामलों में विशेषकर जघन्य हत्या जैसी घटनाओं में कानून की प्रक्रिया चरणबद्ध और सख्त होती है, ताकि अपराधी को सजा और पीड़ित को न्याय मिल सके। ऐसी घटनाओं में पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई तय नियमों के अनुसार होती है।
सबसे पहले एफआईआर दर्ज होती है
सबसे पहले घटना की सूचना मिलते ही पुलिस FIR दर्ज करती है। यदि घटना दूसरे क्षेत्र की हो, तब भी किसी भी थाने में जीरो FIR दर्ज की जा सकती है। जिसे बाद में संबंधित थाने में भेज दिया जाता है। इसके बाद पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर फिंगरप्रिंट, हथियार, खून के नमूने और अन्य जैविक साक्ष्य जुटाती है।
धारा 164 के तहत गवाह के बयान होते हैं
जांच के दौरान पीड़ित या गवाह के बयान मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत दर्ज कराए जाते हैं, क्योंकि पुलिस के सामने दिए गए बयान अदालत में सीधे साक्ष्य नहीं माने जाते। पर्याप्त सबूत मिलने पर आरोपी की गिरफ्तारी की जाती है और पूछताछ के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ी जाती हैं।
जांच पूरी होने पर चार्जशीट
जांच पूरी होने पर पुलिस अदालत में चार्जशीट दाखिल करती है, जिसमें आरोपी, गवाह और सबूतों का पूरा विवरण होता है। इसके बाद अदालत में ट्रायल शुरू होता है, जहां अभियोजन और बचाव पक्ष अपने तर्क रखते हैं और गवाहों से जिरह होती है।
अदालत साक्ष्य के आधार पर देती है फैसला
अंत में अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाती है। यदि अपराध सिद्ध हो जाता है तो आरोपी को आजीवन कारावास या मृत्युदंड जैसी कठोर सजा दी जा सकती है, जबकि सबूतों के अभाव में आरोपी बरी भी हो सकता है।
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