मुरैना जिला अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड (वार्ड क्र. 34) में रात के समय अचानक सीलिंग का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक महिला अटेंडर के सिर में चोट लग गई।
मुरैना: जिला अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड क्रमांक 34 में रात के समय सीलिंग का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में वार्ड में मौजूद एक महिला अटेंडर के सिर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। घटना के समय वार्ड में जच्चा और नवजात भी मौजूद थे। गनीमत रही कि गिरा हुआ हिस्सा किसी मरीज या बच्चे के ऊपर नहीं गिरा, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
अस्पताल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हो रहे सवाल
हादसे के बाद रात में वार्ड को खाली कराए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कुछ समय बाद इसी वार्ड में दोबारा मरीजों को भर्ती किए जाने की बात सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि जिस वार्ड में कुछ देर पहले सीलिंग गिर चुकी थी, वहां दोबारा मरीजों को शिफ्ट करने से पहले भवन की सुरक्षा जांच कराई गई थी या नहीं।
सीलिंग टूटने से मरीजों की जान को खतरा
घटना ने अस्पताल भवन की जर्जर हालत को भी सामने ला दिया है। अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर सीलिंग खराब होने और उसके हिस्से लटकने की बात सामने आ रही है। ऐसे में मरीजों के साथ आने वाले अटेंडर्स को हर समय अनहोनी की आशंका बनी रहती है। सबसे संवेदनशील स्थिति जच्चा-बच्चा वार्ड की है, जहां गर्भवती महिलाएं और नवजात बच्चे भर्ती रहते हैं। ऐसे वार्ड में सीलिंग का हिस्सा गिरना सामान्य घटना नहीं मानी जा सकती।
टाल दी गई एक बड़ी अनहोनी
अगर यही हिस्सा किसी गर्भवती महिला या नवजात के ऊपर गिर जाता तो नुकसान गंभीर हो सकता था। घटना के बाद अब अस्पताल प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा सवाल पूरे भवन की सुरक्षा का है। क्या अन्य वार्डों की सीलिंग और छत की भी जांच कराई जाएगी? क्या क्षतिग्रस्त हिस्सों को मरीजों की आवाजाही से पहले दुरुस्त किया जाएगा? इन सवालों के जवाब अब अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई से ही सामने आएंगे।
ये भी पढ़ें- तालाब के पास पेड़ से लटका मिला अज्ञात युवक का शव, शरीर पर मिले चोट के निशान