डोडा-किश्तवार क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण चिनाब नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। इसके बाद सोमवार को एहतियात के तौर पर जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले स्थित बगलिहार बांध के तीन गेट खोल दिए गए।
रामबन {जम्मू-कश्मीर}: डोडा-किश्तवार क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण चिनाब नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। इसके बाद सोमवार को एहतियात के तौर पर जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले स्थित बगलिहार बांध के तीन गेट खोल दिए गए।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
प्रशासन ने बताया कि मौसम और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत ने हाल ही में दोहराया है कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी, जब तक वह सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद नहीं करता।
विदेश मंत्रालय ने दोहराया अपना पक्ष
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को लगातार समर्थन दिए जाने के कारण सिंधु जल संधि फिलहाल स्थगित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का इस मुद्दे पर रुख पहले जैसा ही है। भारत ने मध्यस्थता न्यायालय (सीओए) के उस फैसले को भी स्वीकार करने से इनकार किया है, जिसमें संधि की व्याख्या से जुड़े कुछ मुद्दों पर निर्णय दिया गया था। भारत का कहना है कि यह अदालत वैध रूप से गठित नहीं थी और उसके सभी फैसले अमान्य हैं।
बगलिहार परियोजना की अहम भूमिका
रामबन जिले में चिनाब नदी पर स्थित बगलिहार जलविद्युत परियोजना बिजली उत्पादन और जल प्रबंधन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे पहले लंबे समय तक इसके सभी गेट बंद रहे थे। 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत रावी, ब्यास और सतलुज नदियों का उपयोग भारत के हिस्से में है, जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का अधिकांश जल पाकिस्तान को मिलता है। हालांकि, संधि के अनुसार भारत को पश्चिमी नदियों पर घरेलू जरूरतों, सिंचाई और रन-ऑफ-द-रिवर जलविद्युत परियोजनाओं के लिए सीमित अधिकार प्राप्त हैं।
(एएनआई)
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