जिलाधिकारी की जनसुनवाई में एक महिला ने बेटे की चेकबुक वापस नहीं लौटाने और कानूनी नोटिस मिलने का मामला उठाया।
शिवपुरी : कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे। भीषण गर्मी के बावजूद लोग अपनी शिकायतें लेकर आएं। इनमें एक महिला द्वारा बेटे की चेकबुक नहीं लौटाने और कानूनी नोटिस मिलने का मामला प्रमुख रहा। इसके अतिरिक्त, राजस्व अभिलेखों में हेरफेर और सड़क निर्माण में अनियमितताओं से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं।
जिलाधिकारी के सामने फूट-फूट कर रोई महिला
जनसुनवाई में पिछोर निवासी भागवती केवट ने कलेक्टर के सामने रोते हुए बताया कि देवेंद्र यादव ने उसके बेटे को लोन दिलाने का झांसा देकर चेकबुक और अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए थे। अब वह चेकबुक वापस नहीं कर रहा है।
महिला का आरोप- अब आ रहे हैं कानूनी नोटिस
महिला ने आरोप लगाया कि देवेंद्र यादव अलग-अलग लोगों के नाम से कानूनी नोटिस भेज रहा है। पहले भी चेकों का दुरुपयोग कर चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया गया था। कोर्ट में राजीनामा होने के बावजूद चेकबुक वापस नहीं की गई, जिसके बाद महिला ने जनसुनवाई में पहुंचकर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सर्वे नंबरों में खातेदारों के नाम बदलने के आरोप
एक अन्य मामले में बदरवास क्षेत्र के ग्राम मांगरौल और ईश्वरी से जुड़े राजस्व अभिलेखों में कथित हेरफेर की शिकायत की गई। आवेदन में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान कई सर्वे नंबरों में खातेदारों के नाम बदले गए और भूमि संबंधी प्रविष्टियों में बड़े पैमाने पर परिवर्तन किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने करोड़ों रुपए कीमत की जमीन से जुड़े मामले की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सड़क निर्माण में अनियमितता की शिकायत
इसके अतिरिक्त, ग्राम छिरेंठा निवासी विजय सिंह गड़रिया ने पिपरसमा से छिरेंठा तक सड़क निर्माण में अनियमितता की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वर्षों पुराने परंपरागत शासकीय मार्ग को छोड़कर किसानों के खेतों के बीच से सड़क का निर्माण करा दिया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया कि राजनीतिक दबाव के चलते सड़क का मार्ग बदला गया, जिससे किसानों की जमीन और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है। गड़रिया ने पुराने मार्ग पर ही सड़क निर्माण कराने और मामले की जांच कराने की मांग की।