मैहर के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से कथित रूप से मिट्टी और मुरुम ढुलवाने का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Children Allegedly Made to Work at Government School in Maihar, Video Goes Viral |
मैहर (मध्य प्रदेश)। रामपुर बघेलान शिक्षा के मंदिर में जहां बच्चों के हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए, वहां शासकीय शिक्षकों की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण मासूमों के हाथों में फरुहा और तगाड़ी थमा दी गई है। मामला रामपुर बघेलान विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत त्योधरा नंबर 1 स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है, जहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
किताबों की जगह हाथों में फरुहा और तगाड़ी
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विद्यालय परिसर में पढ़ने आए आदिवासी व अन्य मासूम छात्र-छात्राओं से मजदूरी कराई जा रही है। बच्चे स्कूल परिसर के बाहर फरुहा (फावड़ा) चलाते और तगाड़ी में मुरुम/मिट्टी ढोते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक आराम से अंदर बैठे रहते हैं और पढ़ाई कराने के बजाय बच्चों से श्रम कराया जाता है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकीं निगाहें
मासूम बच्चों से काम कराए जाने का यह वीडियो स्थानीय ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर महोदय और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस पर क्या सख्त कदम उठाते हैं। क्या दोषी शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी या मामला केवल खानापूर्ति तक ही सिमट कर रह जाएगा?
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