झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर रांची में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात की।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर रांची में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस सुधार लागू करने को प्रतिबद्ध है।
CM बोले- छात्रों की हर समस्या सुनने को तैयार
जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पहले ही संवाद का माध्यम तय कर चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार हर छात्र की समस्या को समझना चाहती है और उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
भर्ती प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
इस बीच, जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े एक आरोपी ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया था और उसके परिवार के कई सदस्य भी उसी परीक्षा में सफल हुए। उन्होंने संबंधित उम्मीदवार और उससे जुड़ी सभी परीक्षाओं की जांच की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल हुईं AISA अध्यक्ष
अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी रांची में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचीं। जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है।
राहुल गांधी ने भी की थी अभ्यर्थियों से बात
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों से फोन पर बातचीत की थी। इसके बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज हो गई।
11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा सरकार से वार्ता
जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। इसमें आठ छात्र प्रतिनिधि, एक वकील और दो तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
मीडिया की मौजूदगी में बातचीत की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए। उनका आरोप है कि पिछली बार बंद कमरे में हुई बैठक का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला था। छात्रों का कहना है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार खुली और सार्वजनिक बातचीत होनी चाहिए।
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