लखनऊ में सीएम योगी ने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ का दूसरा चरण शिक्षा, मूल्यों और क्षेत्रीय विकास में एक नया अध्याय शुरू करेगा।
लखनऊ: राज्यव्यापी स्कूल नामांकन अभियान के दूसरे चरण के शुभारंभ से पहले, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि 'स्कूल चलो अभियान-2026' शिक्षा, मूलभूत मूल्यों और क्षेत्रीय विकास में एक "नया अध्याय" शुरू करता है।
सहारनपुर से अभियान का शुभारंभ
एक पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभियान के शुभारंभ के अवसर पर सहारनपुर जिले के छात्रों को पाठ्यपुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की जाएंगी।
उन्होंने कहा, "आदि शक्ति मां शाकुंभरी देवी के आशीर्वाद से, उनकी कृपा से पवित्र हुए सहारनपुर जिले से आज से शिक्षा, मूल्यों और विकास का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। राज्यव्यापी 'चलो स्कूल अभियान-2026' के दूसरे चरण के शुभारंभ के साथ, युवा छात्रों को पाठ्यपुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की जाएंगी। साथ ही जिले के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया जाएगा।"
613 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिन जिले में शिक्षा संबंधी पहलों को व्यापक विकास कार्यों के साथ जोड़ा जाएगा, जिसका उद्देश्य 'विकसित उत्तर प्रदेश' के लक्ष्य को गति देना है।
उन्होंने कहा, "इसके अतिरिक्त, 613 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया जाएगा। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए जाएंगे। शिक्षा और विकास की ये पहलें शिक्षित, समृद्ध और 'विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई गति प्रदान करेंगी।"
जुलाई को बताया नई शुरुआत का प्रतीक
इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और अभिभावकों से हर बच्चे की नियमित स्कूल उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया और 1 जुलाई से शुरू होने वाले 'चलो स्कूल अभियान' के दूसरे चरण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जुलाई केवल नए महीने की शुरुआत नहीं, बल्कि लाखों बच्चों के सपनों को साकार करने और उन्हें स्कूल तक पहुंचाने के संकल्प को मजबूत करने का समय है।
शिक्षकों और अभिभावकों से की खास अपील
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कक्षाओं को अधिक रुचिकर और आकर्षक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "प्रिय शिक्षकों, सुनिश्चित करें कि बच्चे स्कूल को केवल एक दैनिक दिनचर्या का हिस्सा न समझें, बल्कि उसमें रुचि दिखाएं। खेलकूद जैसी गतिविधियां इसे हासिल करने का एक उत्कृष्ट माध्यम हो सकती हैं।"
अंकों से नहीं, लगन से करें बच्चों का मूल्यांकन
बच्चों के भविष्य को संवारने में अभिभावकों की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का मूल्यांकन केवल परीक्षा के अंकों से नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "अभिभावकों, अपने बच्चों का मूल्यांकन उनके अंकों से नहीं, बल्कि उनके दृढ़ संकल्प और लगन से करें। यह आप पर निर्भर है कि वे नियमित रूप से स्कूल जाएं।"
(एएनआई)
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