रीवा में 'मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर' के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना पर स्टे मिलने से दुखी एक बुजुर्ग कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के पैरों में गिरकर रोने लगे।
Collector Rebukes Tehsildar Publicly After Elderly Man Breaks Down at Jan Vishwas Shivir |
रीवा (मध्य प्रदेश)। ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर’ के दौरान ग्राम पपोता पहुंचे रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी का उस वक्त रौद्र रूप देखने को मिला, जब एक गरीब बुजुर्ग प्रशासनिक संवेदनहीनता के आगे लाचार होकर उनके कदमों में गिरकर फूट-फूटकर रो पड़ा। बुजुर्ग की आपबीती सुनते ही कलेक्टर का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने भरे मंच से गुढ़ तहसीलदार को तलब कर ऐसी फटकार लगाई कि पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
पीएम आवास पर लगा दिया था स्टे
ग्राम पपोता निवासी बुजुर्ग को शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ था। गरीब परिवार छत बनने की उम्मीद में अपना घर बना रहा था, लेकिन गुढ़ तहसील कार्यालय के एक आदेश ने उनकी खुशियों पर पानी फेर दिया। तहसीलदार की ओर से निर्माणाधीन मकान पर स्थगन आदेश जारी कर दिया गया।
पीड़ित परिवार पिछले कई महीनों से परेसान
पीड़ित परिवार पिछले कई महीनों से तहसील के चक्कर काट रहा था, लेकिन सुनवाई की जगह उन्हें सिर्फ टरकाया जा रहा था। जब कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी स्वयं गांव पहुंचे, तो बुजुर्ग अपनी शिकायत लेकर सामने आ गए और अपनी आपबीती सुनाते हुए रो पड़े।
ज्यादा उड़ रहे हो- कलेक्टर के तीखे बोल
बुजुर्ग के आंसू देखते ही कलेक्टर सूर्यवंशी ने सीधे तहसीलदार को कटघरे में खड़ा कर दिया। भारी जनसमूह के बीच कलेक्टर ने तल्ख लहजे में कहा ज्यादा उड़ रहे हो शर्म करो, तुम्हारे नाम से इलाके में लोग रो रहे हैं! एक गरीब का पीएम आवास रोककर तुम क्या साबित करना चाहते हो? कलेक्टर ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि प्रशासनिक पद जनता को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए मिले हैं।
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